उत्तर प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। इस फैसले से देवीपाटन मंडल के गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच जिलों के करीब 14 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिली है। अब इन जिलों में नए स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएंगे। मंडल में कुल 14 लाख उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने थे, जिनमें से लगभग 2.19 लाख उपभोक्ताओं के यहां पहले ही मीटर लगाए जा चुके हैं। अब इन सभी मीटरों को प्रीपेड से पोस्टपेड सिस्टम में बदला जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को रिचार्ज करने की आवश्यकता नहीं होगी। 11.81 लाख घरों में नहीं लगेंगे मीटर जिन 11 लाख 81 हजार उपभोक्ताओं के घरों में अभी तक स्मार्ट मीटर नहीं लगाए गए थे, उनके यहां अब स्थापना पूरी तरह रोक दी गई है। यह निर्णय लागू होने के बाद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को राहत मिली है। गोंडा बिजली विभाग के मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ ने चारों जिलों के अधिकारियों और स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी को तत्काल प्रभाव से काम रोकने का आदेश जारी किया है। साथ ही पहले से लगे मीटरों को पोस्टपेड में बदलने के निर्देश दिए गए हैं। विधायक की शिकायत के बाद उठा मुद्दा स्मार्ट मीटर में गड़बड़ियों की शिकायत सबसे पहले गोंडा के मेहनौन से भाजपा विधायक विनय कुमार द्विवेदी ने उठाई थी। इसके बाद पूरे प्रदेश में इस व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटर सिस्टम खत्म करने का निर्णय लिया गया। अब सभी मीटर पोस्टपेड की तरह काम करेंगे। उपभोक्ताओं को बिलिंग में राहत नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को हर महीने बिजली का बिल मिलेगा और बकाया राशि किस्तों में जमा करने की सुविधा दी जाएगी। बिजली कनेक्शन काटे जाने की संभावना भी समाप्त कर दी गई है।


