रामपुर के बहुचर्चित जौहर विश्वविद्यालय मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी। जौहर विश्वविद्यालय के अधिवक्ता जुनैद एजाज़ ने बताया कि बृहस्पतिवार को उनके प्रार्थना पत्र पर आंशिक सुनवाई हुई जिसमें परिसर के 14 ब्लॉक 2008 में और 13 ब्लॉक 2009 में निर्माणाधीन थे, जबकि जिला पंचायत रामपुर ने 7 जनवरी 2012 को नक्शा बनवाने की अनिवार्यता का प्रस्ताव पारित किया था।
उन्होंने उस समय का मास्टर प्लान, रामपुर विकास प्राधिकरण की नियमावली, संबंधित नक्शे न्यायालय में प्रस्तुत करने का अनुरोध किया। इसके अतिरिक्त अन्य बिंदुओं पर भी सरकारी अधिवक्ता और विश्वविद्यालय के अधिवक्ता के बीच बहस हुई, लेकिन बहस पूरी नहीं हो सकी। अगली सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तारिख तय की गई है।
जौहर विश्वविद्यालय के भवनों को बचाने के लिए पिछले दिनों कई सामाजिक संगठनों, शिक्षक संगठनों, छात्र समूहों और राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों ने विरोध दर्ज कराया था। इन संगठनों का कहना था कि विश्वविद्यालय के भवनों को गिराने से हजारों छात्रों और शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से अपील की थी कि किसी भी कार्रवाई से पहले सभी कानूनी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाए।


