Rajnath Singh ने Commonwealth Games के पदक विजेता सैन्य खिलाड़ियों की सराहना की

Rajnath Singh ने Commonwealth Games के पदक विजेता सैन्य खिलाड़ियों की सराहना की

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल में संपन्न ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले सशस्त्र बलों के खिलाड़ियों की शुक्रवार को सराहना की और कहा कि ये खिलाड़ी ‘सैनिक और चैंपियन का बेहतरीन मेल’ हैं तथा देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने ग्लास्गो खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय सेना के दल के सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान यह बात कही। राजनाथ ने कहा, ‘‘आप सिर्फ सेना का नहीं, बल्कि पूरे देश का गौरव हैं।’’
राजनाथ ने शारीरिक और मानसिक दबाव पर काबू पाने तथा अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में देश को गौरवान्वित करने के लिए खिलाड़ियों की मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ विश्वास की भी सराहना की।उन्होंने उनकी उपलब्धि को ‘असाधारण’ बताते हुए कहा कि ये खिलाड़ी विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं क्योंकि वे ‘सैनिक और चैंपियन का बेहतरीन मेल’ हैं। राष्ट्रमंडल खेल 2026 का समापन तीन अगस्त को हुआ। भारत 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य सहित कुल 39 पदक के साथ चौथे स्थान पर रहा।सेना के 20 खिलाड़ियों के दल ने 16 पदक जीते जिनमें आठ स्वर्ण, सात रजत और एक कांस्य पदक शामिल है। भारतीय नौसेना के कर्मियों ने दो पदक जीते। मुक्केबाजी में छह में से चार स्वर्ण पदक महिला मुक्केबाजों द्वारा जीतने का जिक्र करते हुए राजनाथ ने कहा कि यह उपलब्धि ‘भारत की बढ़ती नारी शक्ति का प्रमाण’ है।उन्होंने कहा कि इससे महिलाएं खेल को आगे बढ़ाने और रक्षा बलों में शामिल होने के लिए और अधिक प्रेरित होंगी। उन्होंने खिलाड़ियों को आगामी एशियाई खेलों के लिए भी शुभकामनाएं दीं। सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी यहां कर्तव्य भवन में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद थे।रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नायब सूबेदार सर्वेश कुशारे ने ऊंची कूद में भारत के लिए राष्ट्रमंडल खेलों का पहला रजत पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने भी इतिहास रचा। वह एक ही राष्ट्रमंडल खेल में एथलेटिक्स के दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने।उन्होंने 10,000 मीटर में रजत और 5,000 मीटर में कांस्य पदक जीता। 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल में संपन्न ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले सशस्त्र बलों के खिलाड़ियों की शुक्रवार को सराहना की और कहा कि ये खिलाड़ी ‘सैनिक और चैंपियन का बेहतरीन मेल’ हैं तथा देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने ग्लास्गो खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय सेना के दल के सदस्यों के साथ बातचीत के दौरान यह बात कही। राजनाथ ने कहा, ‘‘आप सिर्फ सेना का नहीं, बल्कि पूरे देश का गौरव हैं।’’
राजनाथ ने शारीरिक और मानसिक दबाव पर काबू पाने तथा अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में देश को गौरवान्वित करने के लिए खिलाड़ियों की मजबूत इच्छाशक्ति और दृढ़ विश्वास की भी सराहना की।

उन्होंने उनकी उपलब्धि को ‘असाधारण’ बताते हुए कहा कि ये खिलाड़ी विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं क्योंकि वे ‘सैनिक और चैंपियन का बेहतरीन मेल’ हैं। राष्ट्रमंडल खेल 2026 का समापन तीन अगस्त को हुआ। भारत 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य सहित कुल 39 पदक के साथ चौथे स्थान पर रहा।

सेना के 20 खिलाड़ियों के दल ने 16 पदक जीते जिनमें आठ स्वर्ण, सात रजत और एक कांस्य पदक शामिल है। भारतीय नौसेना के कर्मियों ने दो पदक जीते। मुक्केबाजी में छह में से चार स्वर्ण पदक महिला मुक्केबाजों द्वारा जीतने का जिक्र करते हुए राजनाथ ने कहा कि यह उपलब्धि ‘भारत की बढ़ती नारी शक्ति का प्रमाण’ है।

उन्होंने कहा कि इससे महिलाएं खेल को आगे बढ़ाने और रक्षा बलों में शामिल होने के लिए और अधिक प्रेरित होंगी। उन्होंने खिलाड़ियों को आगामी एशियाई खेलों के लिए भी शुभकामनाएं दीं। सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी यहां कर्तव्य भवन में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद थे।

रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नायब सूबेदार सर्वेश कुशारे ने ऊंची कूद में भारत के लिए राष्ट्रमंडल खेलों का पहला रजत पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने भी इतिहास रचा। वह एक ही राष्ट्रमंडल खेल में एथलेटिक्स के दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने।

उन्होंने 10,000 मीटर में रजत और 5,000 मीटर में कांस्य पदक जीता।

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