जमीन विवाद और आर्थिक लेन-देन का था विवाद
राजकोट. शहर में जमीन और आर्थिक लेन-देन के विवाद में पोते ने अपने बुजुर्ग दादा की पत्थर और टेबल से वारकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पोते मोहित मियात्रा को गिरफ्तार कर हत्या का पर्दाफाश किया।
पुलिस के अनुसार, सोमवार को सरकारी अस्पताल से पुलिस को एक रिपोर्ट प्राप्त हुई थी, जिसमें अर्जन मियात्रा (73) को मृत घोषित किया गया था। प्रारंभिक तौर पर इसे सामान्य मौत दिखाने का प्रयास किया गया, लेकिन वृद्ध के सिर पर गंभीर चोटों के निशान मिलने से पुलिस को संदेह हुआ।
पुलिस ने इस संदिग्ध मौत के मामले में मृतक के परिजनों से सख्ती से और गहन पूछताछ की। लगातार पूछताछ के बाद मृतक के पोते मोहित ने अपने दादा की हत्या करने की चौंकाने वाली बात कबूल की।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक अर्जन के पास तमाचण गांव में लगभग 7 बीघा कृषि भूमि थी। इस जमीन पर पोता मोहित खेती करता था। खेती के दौरान मोहित ने अपने दादा से पैसों की मांग की थी, जिस पर दादा ने उसे जमीन पर बैंक या अन्य जगह से ऋण लेने की सलाह दी थी।
दादा की सलाह पर मोहित ने जमीन पर 2.5 लाख रुपए का लोन लिया था। उसमें से वह केवल 1.54 लाख रुपए ही चुका पाया था। शेष रकम उसके दादा को चुकानी पड़ी। इसी बात को लेकर दादा और पोते के बीच काफी समय से मनमुटाव और विवाद चल रहा था।
इसी दौरान सोमवार को आर्थिक लेन-देन और जमीन विवाद को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ। गुस्से में आकर पोता अपने दादा के घर पहुंचा और वहां पड़े भारी पत्थर के ब्लॉक तथा लोहे की टेबल से दादा के सिर पर कई वार कर दिए। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई।
पोस्टमार्टम नहीं कराने के लिए बनाया दबाव
हत्या के बाद आरोपी ने अपराध छिपाने के उद्देश्य से कहानी बनाई कि उसके दादा अचानक बेहोश हो गए थे और अस्पताल में पोस्टमार्टम नहीं कराने के लिए भी दबाव बनाया। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और सख्त रवैये के सामने उसकी यह चाल नाकाम रही। पुलिस ने मृतक के दामाद हरि मकवाणा की शिकायत पर मामला दर्ज कर हत्या की धाराएं जोड़ते हुए आरोपी पोते मोहित मियात्रा को गिरफ्तार कर लिया।


