862 मेगावाट पर हांफी राजधानी:10 साल पुराने एबी केबल में लग रही आग, 3 से 5 घंटे तक कट रही बिजली

862 मेगावाट पर हांफी राजधानी:10 साल पुराने एबी केबल में लग रही आग, 3 से 5 घंटे तक कट रही बिजली

पिछले साल 883 मेगावाट तक चला सिस्टम, इस बार कम लोड में ही फेल राजधानी में गर्मी बढ़ते ही बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। कहीं एरियल बंच (एबी) केबल में आग लग रही है, तो कहीं फेज उड़ने और ट्रांसफॉर्मर ट्रिप होने से सप्लाई बाधित हो रही है। इस साल 23 मई को अधिकतम 862 मेगावाट बिजली की खपत हुई, जबकि पिछले साल रिकॉर्ड 883 मेगावाट तक सिस्टम चला था। पिछले साल से 21 मेगावाट कम खपत के बावजूद एबी केबल में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। भास्कर ने पटना के 13 डिविजनों का मुआयना किया। इस दौरान कई जगहों पर तारों की स्थिति अच्छी नहीं दिखी। ओवरलोड के कारण तारों का ऊपरी हिस्सा (कवर) पिघला हुआ दिखाई दिया। पूछताछ में अधिकारियों ने भी माना कि शहर में वर्ष 2015-16 में लगाए गए एबी केबल अब पुराने होने लगे हैं। कई इलाकों में ये लगातार फुल लोड पर चल रहे हैं, जिससे केबल गर्म होकर जलने लगे हैं। पिछले एक सप्ताह में शहर के 9,216 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मरों में से करीब 2,000 स्थानों पर ओवरलोड की स्थिति बनी। सामान्यतः 20 साल होती है एबी केबल की उम्र अधिकारियों ने बताया कि एबी केबल की सामान्य उम्र 20 साल से अधिक मानी जाती है, लेकिन यह तभी संभव है जब उस पर 50 से 80 प्रतिशत तक ही लोड रहे। लगातार फुल लोड पड़ने पर पांच साल में ही उसकी क्षमता प्रभावित होने लगती है। गर्मी में केबलों को ठंडा होने का समय नहीं मिलता, जिससे इंसुलेशन गर्म होकर आग पकड़ लेता है। इंजीनियरों के अनुसार, लोड का आकलन करने के बाद ही केबल लगाए जाते हैं, लेकिन बाद में तेजी से हुए मकान निर्माण, एसी-कूलर और अन्य उपकरणों का उपयोग बढ़ने से वास्तविक खपत अनुमान से काफी ऊपर पहुंच जाती है। अभी शहर के केवल 50 प्रतिशत डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मरों पर ही मीटर आधारित ऑनलाइन मॉनिटरिंग की व्यवस्था है। फ्यूज कॉल सेंटरों पर शिकायतें तीन गुना बढ़ीं सामान्य दिनों में एक फ्यूज कॉल सेंटर पर 15-20 शिकायतें आती थीं, जो अब बढ़कर 50 से अधिक हो गई हैं। रविवार को 68 फ्यूज कॉल सेंटरों पर करीब 3,500 शिकायतें दर्ज हुईं। राजीव नगर से आशियाना तक जलते रहे एबी केबल राजीव नगर इलाके में पिछले 72 घंटों के दौरान करीब एक दर्जन जगहों पर एबी केबल में आग लगी। सोमवार को रोड नंबर-26 में केबल जलने से तीन घंटे तक बिजली सप्लाई ठप रही। देर रात तक ट्रिपिंग और फेज उड़ने की समस्या बनी रही। स्थानीय निवासी चिंटू सिंह ने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों में पहली बार इतनी लंबी बिजली कटौती हो रही है। उधर, आशियाना नगर डिविजन की टेक्स्टबुक कॉलोनी में रविवार रात केबल में आग लग गई, जिसके कारण तीन-चार घंटे तक बिजली बाधित रही। पश्चिमी पटेल नगर की आदर्श कॉलोनी के निवासी मिथिलेश बिहारी ने बताया कि रात 11:16 बजे शिकायत करने के बावजूद 1 बजे तक कोई कर्मी नहीं पहुंचा, क्योंकि सभी टीमें केबल में लगी आग बुझाने में व्यस्त थीं। पेसू (PESU) की वर्तमान स्थिति उपभोक्ताओं की संख्या: 7.59 लाख पावर सब-स्टेशन की संख्या: 84 इसकी कुल क्षमता: 2,395 एमवीए (MVA) 33 केवी फीडर की संख्या: 105 11 केवी फीडर की संख्या: 382 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर की संख्या: 9,216 गर्मी में ठंडा नहीं हो पाता केबल क्या है एबी केबल? एबी यानी ‘एरियल बंच केबल’। इसमें तीन कवर्ड (सुरक्षित आवरण वाले) तारों को एक साथ लपेटकर पोल पर लगाया जाता है। कितनी होती है उम्र? यदि यह 50 से 80 प्रतिशत लोड पर चले, तो इसकी उम्र 20 साल से अधिक हो सकती है। आग क्यों लगती है? गर्मी में लगातार फुल लोड पड़ने से केबल गर्म हो जाता है। ठंडा होने का समय नहीं मिलने पर इंसुलेशन टूट जाता है और आग लग जाती है। स्पार्किंग कैसे होती है? एलटी (LT) लाइन ढीली होने या पहली बारिश में गर्म सिस्टम पर नमी पड़ने से स्पार्किंग बढ़ जाती है। फेज उड़ना क्या है? ओवरलोड या ढीले कनेक्शन के कारण बिजली सप्लाई बाधित होने की स्थिति को ‘फेज उड़ना’ कहा जाता है। पिछले साल 883 मेगावाट तक चला सिस्टम, इस बार कम लोड में ही फेल राजधानी में गर्मी बढ़ते ही बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। कहीं एरियल बंच (एबी) केबल में आग लग रही है, तो कहीं फेज उड़ने और ट्रांसफॉर्मर ट्रिप होने से सप्लाई बाधित हो रही है। इस साल 23 मई को अधिकतम 862 मेगावाट बिजली की खपत हुई, जबकि पिछले साल रिकॉर्ड 883 मेगावाट तक सिस्टम चला था। पिछले साल से 21 मेगावाट कम खपत के बावजूद एबी केबल में आग लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। भास्कर ने पटना के 13 डिविजनों का मुआयना किया। इस दौरान कई जगहों पर तारों की स्थिति अच्छी नहीं दिखी। ओवरलोड के कारण तारों का ऊपरी हिस्सा (कवर) पिघला हुआ दिखाई दिया। पूछताछ में अधिकारियों ने भी माना कि शहर में वर्ष 2015-16 में लगाए गए एबी केबल अब पुराने होने लगे हैं। कई इलाकों में ये लगातार फुल लोड पर चल रहे हैं, जिससे केबल गर्म होकर जलने लगे हैं। पिछले एक सप्ताह में शहर के 9,216 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मरों में से करीब 2,000 स्थानों पर ओवरलोड की स्थिति बनी। सामान्यतः 20 साल होती है एबी केबल की उम्र अधिकारियों ने बताया कि एबी केबल की सामान्य उम्र 20 साल से अधिक मानी जाती है, लेकिन यह तभी संभव है जब उस पर 50 से 80 प्रतिशत तक ही लोड रहे। लगातार फुल लोड पड़ने पर पांच साल में ही उसकी क्षमता प्रभावित होने लगती है। गर्मी में केबलों को ठंडा होने का समय नहीं मिलता, जिससे इंसुलेशन गर्म होकर आग पकड़ लेता है। इंजीनियरों के अनुसार, लोड का आकलन करने के बाद ही केबल लगाए जाते हैं, लेकिन बाद में तेजी से हुए मकान निर्माण, एसी-कूलर और अन्य उपकरणों का उपयोग बढ़ने से वास्तविक खपत अनुमान से काफी ऊपर पहुंच जाती है। अभी शहर के केवल 50 प्रतिशत डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मरों पर ही मीटर आधारित ऑनलाइन मॉनिटरिंग की व्यवस्था है। फ्यूज कॉल सेंटरों पर शिकायतें तीन गुना बढ़ीं सामान्य दिनों में एक फ्यूज कॉल सेंटर पर 15-20 शिकायतें आती थीं, जो अब बढ़कर 50 से अधिक हो गई हैं। रविवार को 68 फ्यूज कॉल सेंटरों पर करीब 3,500 शिकायतें दर्ज हुईं। राजीव नगर से आशियाना तक जलते रहे एबी केबल राजीव नगर इलाके में पिछले 72 घंटों के दौरान करीब एक दर्जन जगहों पर एबी केबल में आग लगी। सोमवार को रोड नंबर-26 में केबल जलने से तीन घंटे तक बिजली सप्लाई ठप रही। देर रात तक ट्रिपिंग और फेज उड़ने की समस्या बनी रही। स्थानीय निवासी चिंटू सिंह ने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों में पहली बार इतनी लंबी बिजली कटौती हो रही है। उधर, आशियाना नगर डिविजन की टेक्स्टबुक कॉलोनी में रविवार रात केबल में आग लग गई, जिसके कारण तीन-चार घंटे तक बिजली बाधित रही। पश्चिमी पटेल नगर की आदर्श कॉलोनी के निवासी मिथिलेश बिहारी ने बताया कि रात 11:16 बजे शिकायत करने के बावजूद 1 बजे तक कोई कर्मी नहीं पहुंचा, क्योंकि सभी टीमें केबल में लगी आग बुझाने में व्यस्त थीं। पेसू (PESU) की वर्तमान स्थिति उपभोक्ताओं की संख्या: 7.59 लाख पावर सब-स्टेशन की संख्या: 84 इसकी कुल क्षमता: 2,395 एमवीए (MVA) 33 केवी फीडर की संख्या: 105 11 केवी फीडर की संख्या: 382 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर की संख्या: 9,216 गर्मी में ठंडा नहीं हो पाता केबल क्या है एबी केबल? एबी यानी ‘एरियल बंच केबल’। इसमें तीन कवर्ड (सुरक्षित आवरण वाले) तारों को एक साथ लपेटकर पोल पर लगाया जाता है। कितनी होती है उम्र? यदि यह 50 से 80 प्रतिशत लोड पर चले, तो इसकी उम्र 20 साल से अधिक हो सकती है। आग क्यों लगती है? गर्मी में लगातार फुल लोड पड़ने से केबल गर्म हो जाता है। ठंडा होने का समय नहीं मिलने पर इंसुलेशन टूट जाता है और आग लग जाती है। स्पार्किंग कैसे होती है? एलटी (LT) लाइन ढीली होने या पहली बारिश में गर्म सिस्टम पर नमी पड़ने से स्पार्किंग बढ़ जाती है। फेज उड़ना क्या है? ओवरलोड या ढीले कनेक्शन के कारण बिजली सप्लाई बाधित होने की स्थिति को ‘फेज उड़ना’ कहा जाता है।  

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