Rajasthan Politics : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच प्रदेश से जुड़े विकास, सुशासन और जनकल्याण के विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री की तीन माह में प्रधानमंत्री से यह तीसरी मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया जारी है और प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं।
इससे पहले सीएम भजनलाल ने 25 मार्च को संसद भवन में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। वहीं, उससे करीब एक माह पहले 28 फरवरी को पीएम मोदी अजमेर दौरे पर आए थे। उस समय भी सीएम भजनलाल की पीएम मोदी से मुलाकात हुई थी।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हाथ में दस्तावेज नजर आने के बाद भी अटकलों का दौर शुरू हो गया। सीएम भजनलाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि आज (सोमवार) नई दिल्ली में आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट कर विकास, सुशासन और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। युवा, महिला, किसान एवं अंत्योदय के प्रति उनका समर्पण तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का उनका स्पष्ट विजन और दृढ़ संकल्प हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।

सीएम भजनलाल ने आगे लिखा कि राजस्थान के प्रति उनका विशेष स्नेह, आत्मीय जुड़ाव और प्रदेश के सर्वांगीण विकास के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता सदैव हमें प्रेरित करती है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में राजस्थान आधारभूत संरचना, निवेश, जल प्रबंधन, महिला सशक्तीकरण और जनकल्याण के क्षेत्रों में नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है। उनका स्नेह, मार्गदर्शन और सहयोग विकसित राजस्थान के हमारे संकल्प को निरंतर शक्ति प्रदान करता है।
करीब ढाई वर्ष बाद राजस्थान में हुई संगठन महामंत्री की नियुक्ति
मुलाकात से ठीक पहले केंद्रीय नेतृत्व ने करीब ढाई वर्ष बाद राजस्थान में संगठन महामंत्री की नियुक्ति की है, जिससे सियासी चर्चाओं को और बल मिला है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने इस आशय के परिपत्र जारी किए हैं। घोषणा के बाद बैठक में सहभागिता करने आए अजेय कुमार ने राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने मुलाकात की। पार्टी में संगठनात्मक मुद्दों को देखने के लिहाज से महामंत्री संगठन के पद को महत्वपूर्ण माना जाता है।
यह पद पूर्णकालिक कार्यकर्ता को ही दिया जाता है। राजस्थान में प्रकाशचंद्र के बाद लम्बे समय तक पद खाली रहने के बाद भाजपा ने अगस्त 2017 चंद्रशेखर को राजस्थान में लगाया था। प्रदेश में वर्तमान सरकार गठन के बाद जनवरी 2024 में तेलंगाना स्थानांतरण के बाद से राजस्थान भाजपा बिना पूर्णकालिक संगठन महामंत्री के कार्य कर रही थी।


