राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 के बिगुल बजते ही राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है। चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने एक साथ 10 बड़े और कड़े प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए हैं। आचार संहिता लगते ही प्रशासनिक अमला पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है, और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीधी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
आइए जानते हैं चुनाव के मद्देनजर लागू किए गए उन 10 कड़े नियमों और पाबंदियों के बारे में, जिन्हें हर नागरिक और उम्मीदवार को जानना बेहद जरूरी है।
1. सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों के अवकाश पर रोक
पंचायत चुनाव की घोषणा के साथ ही जिले में कार्यरत सभी राजकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, किसी भी कर्मचारी को बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। अति आवश्यक स्थिति में केवल जिला निर्वाचन अधिकारी या उप जिला निर्वाचन अधिकारी की अनुमति से ही मुख्यालय छोड़ा जा सकेगा। आदेश की अवहेलना करने पर सीधे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
2. रात 10 से सुबह 6 तक लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध
ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव प्रचार के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) के इस्तेमाल को लेकर कड़े नियम बनाए गए हैं। जिला मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, दिन के समय भी निर्धारित डेसिबल मानकों से अधिक तेज आवाज में प्रचार करने की अनुमति नहीं होगी।
3. प्रचार वाहनों-सभाओं के लिए अनुमति अनिवार्य
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार वाहनों पर लाउडस्पीकर लगाने या किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सभा और जुलूस निकालने के लिए संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट (SDM) से पूर्व लिखित अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना अनुमति या तय समय के बाद लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने पर राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, प्रचार वाहनों में होने वाले खर्च को भी उम्मीदवार के आधिकारिक चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा।
4. धारा 163 (BNSS) लागू
शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र, तलवार, लाठी या विस्फोटक सामग्री लेकर चलने और उनका प्रदर्शन करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
5. चुनाव प्रचार का समय घटा
चुनाव आयोग के नए और कड़े फरमान के मुताबिक, सरपंच पद के उम्मीदवारों को नामांकन वापसी और चुनाव चिन्ह आवंटन के बाद प्रचार के लिए बेहद सीमित यानी केवल 24 घंटे का समय मिल रहा है। इस कम समय के नियम का उद्देश्य चुनाव में होने वाले बेजा खर्च और धनबल के प्रभाव को प्रभावी रूप से रोकना है।
6. विजयी जुलूस पर प्रतिबंध
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चुनाव परिणाम आने के बाद किसी भी प्रकार का विजय जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा। जिला प्रमुख, उप प्रधान, सरपंच, उप सरपंच या वार्ड पंच समेत कोई भी विजयी जनप्रतिनिधि या उनके समर्थक जीत का जश्न मनाने के लिए जुलूस नहीं निकाल सकेंगे। इन आदेशों के उल्लंघन पर सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
7. हथियारों के प्रदर्शन पर सख्त रोक
खासतौर पर हनुमानगढ़ और अन्य संवेनशील जिलों में प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह के हथियारों का प्रदर्शन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा बिना अनुमति किसी भी प्रकार की रैली या सभा निकालने पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
8. सोशल मीडिया पर पैनी नजर
चुनाव प्रचार के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। किसी भी प्रकार के भड़काऊ भाषण, धार्मिक या जातिगत दुष्प्रचार करने वाली पोस्ट और संदेशों को साझा करने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। बिना अनुमति किसी की निजी संपत्ति पर पोस्टर या बैनर चिपकाने पर भी रोक है।
9. मतदान केंद्र के 200 मीटर दायरे में मोबाइल प्रतिबंधित
मतदान के दिन पोलिंग बूथ के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मतदान केंद्र के 200 मीटर के दायरे के भीतर किसी भी मतदाता या व्यक्ति को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, मतदाताओं को निजी वाहनों में बिठाकर मतदान केंद्र तक लाने-ले जाने की गतिविधि पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
10. मतदान से पहले और मतगणना के दिन ‘ड्राई डे’ घोषित
चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए मतदान से ठीक 48 घंटे पहले और मतगणना के दिन पूरे क्षेत्र में ‘ड्राई डे’ (शराबबंदी) रहेगा। इस दौरान शराब की दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी और अवैध शराब की बिक्री पर आबकारी विभाग तथा पुलिस की संयुक्त टीमें कड़ी कार्रवाई करेंगी।

