जयपुर। राजस्थान में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनके परिजनों की ओर से एक ही कंपनी से करीब 40 कॉटेज-विला खरीदने का मामला अब जांच के दायरे में आ गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर राज्य सरकार ने इस पूरे प्रकरण की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को सौंपने की मंजूरी दे दी है। जिसके बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जांच भी शुरू कर दी है। इसके लिए राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17-ए के तहत जांच की अनुमति दी है। कंपनी ‘अनंता’ नाम से होटल और रिसॉर्ट संचालित करती है। जांच में संपत्तियों की खरीद के लिए किए गए वित्तीय लेन-देन के साथ निजी कंपनी को कथित तौर पर रियायतें दिलाने और पद के दुरुपयोग के आरोपों की भी पड़ताल होगी।
एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि आइएएस शिखर अग्रवाल पर लग रहे आरोपों के बारे में उद्योग विभाग की तथ्यात्मक रिपोर्ट और गोपनीय सूत्रों से मिली जानकारी का परीक्षण करने के बाद प्राथमिक जांच दर्ज की गई। इसमें प्रथम दृष्टया पद के दुरुपयोग और निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के तथ्य सामने आए हैं। मामला सामने आने के बाद सरकार ने दो दिन पहले ही शिखर अग्रवाल को एपीओ कर दिया था। वे उद्योग एवं एमएसएमई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ डीएमआईसी, रीको और निवेश संवर्धन ब्यूरो जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। एपीओ किए जाने के बाद उन्हें इन सभी पदों से मुक्त कर दिया गया।
दोनों बेटे और सास-ससुर के नाम भी शामिल
दरअसल, शिखर अग्रवाल, उनकी आईपीएस पत्नी प्रशाखा माथुर, दोनों बेटों और सास-ससुर के नाम पर पिछले करीब तीन वर्षों में एक ही कंपनी से लगभग 40 कॉटेज-विला खरीदे जाने की जानकारी सामने आई थी। आरोप है कि परिवार के सदस्यों के नाम पर कम कीमत में संपत्तियां खरीदी गईं। अब एसीबी यह पता लगाएगी कि इन सौदों में वास्तविक भुगतान कितना हुआ, संपत्तियों की कीमत और लेन-देन में कोई अनियमितता तो नहीं रही तथा संबंधित कंपनी को सरकारी स्तर पर कोई अनुचित लाभ पहुंचाया गया या नहीं।
मुख्य सचिव ने एसीबी के महानिदेश से की मुलाकात
मुख्य सचिव वी श्रीनिवास से शुक्रवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने मुलाकात की। इस दौरान न केवल दोनों अधिकारियों के बीच भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं करने की नीति व उससे जुड़े मुद्दों पर बात हुई, बल्कि सोशल मीडिया पर इस मुलाकात का मुद्दा सार्वजनिक कर भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का संदेश दिया।
बिनी स्वीकृति मिला रियायती पैकेज
प्रारंभिक जांच के अनुसार, शिखर अग्रवाल ने उदयपुर जिला कलेक्टर, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अध्यक्ष और अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग सहित महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए कंपनी के निदेशकों से कथित मिलीभगत की। आरोप है कि कंपनी को रिसॉर्ट निर्माण की शर्तों में छूट, जरूरी प्रमाण-पत्रों की जांच के बिना स्वीकृतियां और विशेष रियायती आर्थिक पैकेज दिलवाया गया। इससे राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
रियायतों के दिन ही 20 विला की रजिस्ट्री
जांच में उदयपुर के बुझड़ा स्थित अनंता रिसॉर्ट में मार्च 2026 में अग्रवाल और उनकी पत्नी के नाम पर 10-10 विला खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है। इनकी कीमत 15-15 लाख रुपए बताई गई है। वहीं, अलवर जिले के अजबगढ़ स्थित अनंता रिसॉर्ट में अग्रवाल और उनकी पत्नी के नाम पर आठ विला 16.5-16.5 लाख रुपए में, दोनों बेटों के नाम पर चार विला करीब 15-15 लाख रुपए में और सास-ससुर के नाम पर चार विला 16.5-16.5 लाख रुपए में खरीदे जाने की जानकारी मिली है। एसीबी के अनुसार, ये कीमतें बाजार मूल्य से काफी कम थीं।
पत्रिका में प्रकाशित राजस्थान पत्रिका में 29 अक्टूबर को खुलासा किया कि वित्त विभाग ने कंपनी को 27 मार्च 2026 को विशेष रियायती आर्थिक पैकेज जारी किया और इसी दिन अग्रवाल की ओर से 20 विला की रजिस्ट्री हुई। इन तथ्यों के आधार पर एसीबी अब अग्रवाल, कंपनी के निदेशकों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करेगी। साथ ही खुद और परिजनों के नाम कथित आय से अधिक संपत्तियां अर्जित करने के पहलू की भी पड़ताल होगी।
भ्रष्टाचार पर सख्ती का संदेश
गहलोत ने ईडी-सीबीआई जांच की मांग उठाई
इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने 40 विला खरीद के प्रकरण को चौंकाने वाला बताते हुए कहा कि केवल एपीओ करने से जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। मुख्यमंत्री को खुद आगे आकर जवाब देना चाहिए और मामले की जांच ईडी तथा सीबीआई से करानी चाहिए। गहलोत ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठकों में संबंधित कंपनी को रियायतें दी गईं।
गहलोत बोले- पत्नी विदेश में
उन्होंने उदयपुर विकास प्राधिकरण में कथित भ्रष्टाचार और शिखर अग्रवाल के उदयपुर में कलेक्टर रहने के दौरान शुरू हुई गड़बड़ियों को लेकर भी सवाल उठाए। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री के कथित रिश्तेदार प्रमोद शर्मा को लेकर भी आरोप लगाए। गहलोत ने दावा किया कि प्रमोद पुलिस रिकॉर्ड में फरार होने के बावजूद जयपुर में घूम रहा है। गहलोत ने यह भी कहा कि शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी प्रशाखा माथुर विदेश में हैं। यदि उनका पक्ष सही है तो उन्हें लौटकर अपना पक्ष रखना चाहिए।
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