एक नवंबर को दिल्ली में होने वाली विपक्षी गठबंधन की महारैली को सफल बनाने के लिए समाजवादी पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को सपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व एमएलसी संजय लाठर मेरठ पहुंचे। पार्टी के जिला कार्यालय पर उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रैली की तैयारियों की समीक्षा की। जिलाध्यक्ष और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। बैठक में मेरठ से अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों को दिल्ली ले जाने की रणनीति बनाई गई। इसके लिए विधानसभा, ब्लॉक और वार्ड स्तर पर जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं। 2027 में 300 से अधिक सीटें जीतने का किया दावा संजय लाठर ने कहा कि समाजवादी पार्टी को हालिया चुनाव में मिली सफलता ऐतिहासिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से करीब एक साल पहले ही सपा को रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास शुरू हो गए थे। मेरठ, गाजियाबाद और सहारनपुर समेत कई जिलों में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में वोट दिलाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह वोट बनने से रोके गए और बूथों पर कब्जे की कोशिशें हुईं, इसके बावजूद पार्टी ने संघर्ष किया और पांच सीटों पर जीत दर्ज की। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश के चुनावी आंकड़ों को देखें तो सपा ने भाजपा को कड़ी चुनौती दी है। इंडिया गठबंधन के साथ मजबूती से लड़ेंगे चुनाव संजय लाठर ने कहा कि समाजवादी पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ है और आगामी चुनाव भी पूरी मजबूती से लड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जब भाजपा सपा को मुकाबले में नहीं मान रही थी, तब भी पार्टी 230 सीटों पर आगे रही थी। उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले दो-ढाई साल में अन्यायपूर्ण शासन और डबल इंजन सरकार की विफलताओं के कारण जनता में नाराजगी बढ़ी है। इसी आधार पर उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में 300 से अधिक सीटें जीतने का दावा किया। सभी वर्गों को साथ लेकर चलती है सपा सपा नेता ने कहा कि समाजवादी पार्टी धर्मनिरपेक्ष विचारधारा वाली पार्टी है, जो हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई समेत सभी समुदायों को साथ लेकर चलती है। उन्होंने भाजपा पर धर्म और जाति के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। वहीं, चुनाव के समय अन्य राजनीतिक दलों और नेताओं की सक्रियता को लेकर उन्होंने तंज भी कसा। बैठक में पार्टी के जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक, महानगर अध्यक्ष, जिला महासचिव, युवा और महिला सभा के पदाधिकारी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक नवंबर को दिल्ली पहुंचकर महारैली को सफल बनाने का संकल्प लिया।

