Rajasthan Cabinet Decision : राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। कैबिनेट में यह तय किया गया कि अब मृत सरकारी कर्मचारी की पुत्र वूध भी अनुकम्पा नियुक्ति की पात्र होगी। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा ने प्रेस वार्ता में बताते हुए कहा कि कैबिनेट ने मृत सरकारी कर्मचारियों के अनुकम्पा नियुक्ति के लिए पात्र आश्रितों की सूची में ‘पुत्र वधू’ को भी शामिल करने का निर्णय किया है। बजट घोषणा की अनुपालना में किए गए इस फैसले से मृतक सरकारी कर्मचारी की पुत्र वधू को अनुकम्पा नियुक्ति मिल सकेगी, जिससे वह परिवार का भरण-पोषण भली-भांति कर सकेगी।
प्रशिक्षण के दौरान पद त्याग करने पर कार्मिकों से नहीं होगी वसूली
प्रेमचन्द बैरवा ने बताया कि अब राजपत्रित पद पर नियुक्ति के बाद प्रशिक्षण के दौरान या प्रशिक्षण समाप्ति से दो वर्ष की अवधि में पद त्याग करने पर कार्मिकों से केवल प्रशिक्षण व्यय की वसूली होगी, उनसे वेतन-भत्तों की वसूली नहीं की जाएगी। वहीं, राज्य या केंद्र सरकार के विभागों अथवा उपक्रमों में नई नियुक्ति के फलस्वरूप पद त्याग करने पर प्रशिक्षण के दौरान भुगतान किए गए वेतन-भत्तों के साथ-साथ प्रशिक्षण व्यय की भी कोई वसूली नहीं की जाएगी।
एकल महिला राज्य कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव में बड़ा बदलाव
इसके अलावा, एकल महिला राज्य कर्मचारियों को चाइल्ड केयर लीव एक कैलेण्डर वर्ष में 3 के स्थान पर 6 चरणों में स्वीकृत की जा सकेगी। सरोगेसी से मातृत्व प्राप्त करने के मामलों में सरोगेट मदर को 180 दिन तथा कमीशनिंग मदर को 90 दिन का मातृत्व अवकाश प्रदान किया जाएगा। इससे ये महिला कर्मचारी अपने बच्चों की बेहतर देखभाल कर सकेंगी। इन प्रावधानों के लिए मंत्रिमंडल ने राजस्थान सेवा नियम-1951 में संशोधनों को मंजूरी दी है।
पदोन्नति के लिए वांछित अनुभव में 2 वर्ष की छूट
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में कार्मिकों को वर्ष 2026-27 में पदोन्नति के लिए अनुभव में 2 वर्ष की छूट देने का निर्णय किया गया। यह छूट उन कार्मिकों को ही मिलेगी, जिन्हें वर्ष 2023-24, 2024-25 एवं 2025-26 में यह लाभ प्राप्त नहीं हुआ था। इसके लिए विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन कर 2 वर्ष के सशर्त शिथिलन का प्रावधान किया जाएगा। इस संशोधन से वांछित अनुभव की कमी के कारण रिक्त रहने वाले पदों को भरा जा सकेगा जिससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा।
राजस्थान दिव्यांगजन अधिकार (संशोधन) नियम, 2026
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा ने बताया कि कैबिनेट ने शासकीय सेवा में कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण का नोशनल बेनेफिट 30 जून, 2016 से दिए जाने के लिए राजस्थान दिव्यांगजन अधिकार (संशोधन) नियम-2026 का अनुमोदन किया है। वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा की अनुपालना में किए गए इस फैसले से राज्य के दिव्यांग कार्मिकों की वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई है। राज्य में दिव्यांगों को पदोन्नति में दिए जा रहे 4 प्रतिशत आरक्षण के तहत अब 30 जून, 2016 से नोशनल बेनेफिट दिया जाएगा।


