कोटा। दिल्ली-मुंबई आठ लेन एक्सप्रेस-वे पर लगातार हो रहे सड़क हादसे चिंता का विषय बन गए हैं। तेज रफ्तार और सुरक्षित सफर के दावों के बीच आए दिन हो रही दुर्घटनाएं परिवारों की खुशियां छीन रही है। शनिवार सुबह कराड़िया इंटरचेंज के पास हुए हादसे ने एक बार फिर एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। एक जनवरी 2025 से लबान से गोपालपुरा तक एक्सप्रेस-वे पर यातायात शुरू होने के बाद से कई गंभीर हादसे सामने आ चुके हैं। इनमें दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में यात्री घायल हुए हैं।
कराड़िया क्षेत्र में सर्वाधिक गंभीर दुर्घटनाएं
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर फरवरी 2025 से 17 अक्टूबर 2026 तक सामने आए 18 बड़े सड़क हादसों में 29 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार कम से कम 51 लोग घायल हुए हैं। इसमें वर्ष 2025 में 10 और वर्ष 2026 में अब तक 19 लोगों की मौत दर्ज हुई है। इसमें कराड़िया इंटरचेंज और आसपास का क्षेत्र गंभीर दुर्घटनाओं के लिहाज से प्रमुख स्थान के रूप में सामने आया है।
वर्ष 2025 से अब तक हुए हादसे
- 13 फरवरी 2025 को कराड़िया के पास महाकुंभ से लौट रहे श्रद्धालुओं की बस खड़े ट्रोले से घुसने से 3 की मौत, 2 घायल।
- 13 जुलाई 2025 को बूढ़ादीत में मिनी बस दुर्घटना में एक ही परिवार के 4 की मौत, 1 घायल।
- 4 नवंबर 2025 को मंडावरा टोल के पास लोडिंग टेंपो खड़े वाहन में टकराने से एक की मौत।
- 24 दिसंबर 2025 को चेचट क्षेत्र में कार पर कंटेनर पलटने से ननद-भाभी की मौत।
- 4 जनवरी 2025 को जालिमपुरा टोल के पास कार डिवाइडर से टकराने से एक की मौत।
- 22 फरवरी 2025 चेचट टोल प्लाजा के पास अनियंत्रित होकर कार पलटने से 3 लोगों की मौत।
- 18 मार्च 2026 को बालापुरा-कराड़िया में कार पलटने से 3 की मौत।
- 7 जून 2026 को कराड़िया में कार खड़े ट्रक से टकराई से 1 की मौत।
- 14 जून 2026 को मेहंदी माइनर के पास कार नाले में गिरने से 2 की मौत।
लबान से मंडाना तक 100 किमी हिस्से में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
भारतमाला परियोजना के तहत बने दिल्ली-मुंबई आठ लेन एक्सप्रेस-वे पर लगातार हो रहे हादसों ने सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लबान से गोपालपुरा-मंडाना तक करीब 100 किलोमीटर के हिस्से में कई जगह सड़क की असमान सतह, जंपिंग और बिगड़े एलाइनमेंट से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। अंडरपास और पुलियाओं के पास वाहन उछलने से संतुलन बिगड़ने का खतरा रहता है। शनिवार को कराड़िया इंटरचेंज के पास ट्रैवलर के पुलिया से नीचे गिरने से 8 लोगों की मौत और 17 के घायल होने की घटना ने चिंता बढ़ा दी। वाहन चालक हेमंत मीणा निवासी कोटड़ापुरा ने सड़क की स्थिति पर सवाल उठाए। वाहन चालकों के अनुसार कहीं सड़क धंसी है तो कहीं ऊंचे-नीचे हिस्सों से अचानक उछाल आता है। रात में अनजान चालकों के लिए यह स्थिति अधिक खतरनाक है।
उच्चस्तरीय जांच और सुधार की मांग
ग्रामीणों ने लबान से मंडाना तक सड़क की गुणवत्ता और एलाइनमेंट का तकनीकी सर्वे करवाने, धंसे हिस्सों की मरम्मत, क्रैश बैरियर मजबूत करने, स्पीड मॉनिटरिंग प्रभावी बनाने और अधूरे रेस्ट एरिया शीघ्र विकसित करने की मांग की है। हादसों के बीच जिम्मेदार एजेंसियों से ठोस कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है। पुलियाओं, नालों और ऊंचाई वाले स्थानों पर क्रैश बैरियर की सुरक्षा क्षमता पर भी सवाल उठ रहे हैं। हाल के हादसों में वाहन डिवाइडर और सुरक्षा अवरोध पार कर नीचे गिरे हैं। ऐसे में बैरियर की मजबूती और सुरक्षा मानकों की तकनीकी समीक्षा जरूरी है।
लेन की जानकारी का अभाव भी हादसों का कारण
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की श्रेणी और निर्धारित यातायात व्यवस्था के अनुसार अलग-अलग लेन का प्रावधान है। भारी वाहनों और हल्के वाहनों के लिए निर्धारित लेन के साथ ओवरटेक करने की व्यवस्था भी है। इसके बावजूद कई चालक लेन संबंधी नियमों की अनदेखी करते हुए मनमाने तरीके से वाहन चलाते हैं और गलत लेन से ओवरटेक की कोशिश करते हैं। लेन के नियमों की जानकारी का अभाव और यातायात नियमों की अनदेखी दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा रही है।

