बीकानेर। करवाचौथ के दिन जब सुहाग की लंबी उम्र की कामना के साथ घरों में खुशियां और उम्मीदें सज रही थीं, उसी दिन एक परिवार में मातम पसर गया। तीसरी आरएसी में तैनात 30 वर्षीय कांस्टेबल मांगीलाल की मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया। पीछे रह गई साढ़े तीन साल की मासूम बेटी, जिसके सिर से पिता का साया उठ गया। करणी नगर स्थित सरकारी क्वार्टर में हुई इस घटना के बाद मिले कागज के टुकड़े में मांगीलाल ने मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
2021 में पुलिस में भर्ती हुआ था मांगीलाल
बीछवाल थानाधिकारी दिगपाल सिंह चारण ने बताया कि लूणकरनसर के छटासर गांव निवासी मांगीलाल जाट वर्ष 2021 में तीसरी आरएसी में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुआ था। वह करणी नगर स्थित सरकारी क्वार्टर में अपने भाई अंकित के साथ रहता था। जानकारी के अनुसार दोनों क्वार्टर की सफाई कर रहे थे। इस दौरान छोटा भाई अंकित दूध लेने के लिए गया। दूध लेकर वापस लौटा को दरवाजा खटखटाने पर बड़ा भाई नहीं खोला। इसके बाद छोटे भाई ने पड़ोसियों को बुला लिया। जिसके बाद दरवाजा तोड़ा गया, दरवाजा खुलते ही वहां मौजूद लोग सन्न रह गए। घटना की सूचना तुरंत बीछवाल पुलिस थाने और आरएएसी के अधिकारियों को दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया।
कमरे से मिला कागज का टुकड़ा
पुलिस को घटनास्थल से एक कागज मिला है। इसमें मांगीलाल ने लिखा कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ था और अपनी परेशानी से जूझ रहा था। उसने अपनी मौत के लिए किसी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराने की बात भी लिखी। पुलिस घटनाक्रम के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
परिवार में छाया मातम, सदमें में परिजन
मांगीलाल की पत्नी पिछले करीब ढाई महीने से अपने ससुराल छटासर गांव गई हुई थी। बेटी भी उसके पास ही थी। करवाचौथ के मौके पर सामने आई इस घटना के बाद उसके परिवार को गहरे सदमें में डाल दिया है। मृतक के ताऊ के बेटे पूनमचंद की रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया।
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