R. Praggnanandhaa का बड़ा उलटफेर, World Champion Gukesh को हराकर Norway Chess की बाजी पलटी

R. Praggnanandhaa का बड़ा उलटफेर, World Champion Gukesh को हराकर Norway Chess की बाजी पलटी

नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में भारतीय युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने ऐसा प्रदर्शन किया है जिसने पूरी प्रतियोगिता का समीकरण बदल दिया है। लगातार तीन शास्त्रीय मुकाबलों में जीत दर्ज करने के बाद 20 वर्षीय प्रज्ञानानंदा अब खिताब जीतने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। खास बात यह है कि उन्होंने जिन खिलाड़ियों को हराया है उनमें अलिरेज़ा फिरोज़जा, मैग्नस कार्लसन और मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश जैसे बड़े नाम शामिल हैं।मौजूद जानकारी के अनुसार नौवें दौर के बाद खुली श्रेणी में खिताब की लड़ाई पूरी तरह खुली हुई है। अमेरिका के वेस्ली सो, फ्रांस के अलिरेज़ा फिरोज़जा और भारत के आर. प्रज्ञानानंदा तीनों के पास अंतिम दौर में खिताब जीतने का मौका मौजूद है। दूसरी ओर महिला वर्ग में कजाखस्तान की बिबीसारा असाउबायेवा ने अपना मुकाबला ड्रॉ खेलकर खिताब पहले ही अपने नाम कर लिया है।गौरतलब है कि इस दौर का सबसे चर्चित मुकाबला डी. गुकेश और आर. प्रज्ञानानंदा के बीच खेला गया। यह दोनों खिलाड़ियों के बीच टूर्नामेंट का दूसरा मुकाबला था। इससे पहले पांचवें दौर में गुकेश ने प्रज्ञानानंदा को हराया था। ऐसे में यह मुकाबला बदले और प्रतिष्ठा दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा था।नॉर्वे की राजधानी ओस्लो स्थित प्रसिद्ध डाइखमान ब्योर्विका सार्वजनिक पुस्तकालय में खेले गए इस मुकाबले में गुकेश ने सफेद मोहरों से शुरुआत की और शुरुआती चरण में आक्रामक रणनीति अपनाई। हालांकि प्रज्ञानानंदा ने बेहद सटीक बचाव करते हुए खेल का संतुलन अपने पक्ष में मोड़ लिया है।मुकाबले का निर्णायक क्षण तब आया जब प्रज्ञानानंदा के घोड़े ने विरोधी क्षेत्र में गहराई तक प्रवेश कर महत्वपूर्ण सामग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने गुकेश के आक्रमण को शांत करते हुए धीरे-धीरे अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ा, गुकेश का हमला कमजोर पड़ता गया और प्रज्ञानानंदा के मोहरे अधिक प्रभावी होते गए हैं।34वीं चाल तक स्थिति पूरी तरह प्रज्ञानानंदा के नियंत्रण में आ चुकी थी। इसके बाद गुकेश ने हार स्वीकार करते हुए हाथ मिला लिया है। इस जीत के साथ प्रज्ञानानंदा ने न केवल अपनी पिछली हार का बदला लिया बल्कि अंक तालिका में शीर्ष पर चल रहे वेस्ली सो से अंतर भी घटाकर मात्र आधा अंक कर दिया है।बता दें कि अंतिम दौर में प्रज्ञानानंदा का सामना जर्मनी के विन्सेंट कीमर से होगा। कीमर इस टूर्नामेंट में अब तक कोई भी शास्त्रीय मुकाबला नहीं हारे हैं। ऐसे में भारतीय खिलाड़ी के सामने चुनौती आसान नहीं रहने वाली है।दूसरी ओर भारतीय खिलाड़ियों के लिए टूर्नामेंट का बाकी हिस्सा उतना सुखद नहीं रहा है। महिला वर्ग में दिव्या देशमुख को चीन की झू जिनर के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है। एक समय खिताब की दौड़ में आगे चल रहीं दिव्या का प्रदर्शन अंतिम चरण में कमजोर पड़ गया है।महिला वर्ग की एक अन्य भारतीय खिलाड़ी कोनेरू हम्पी को भी महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन के खिलाफ आर्मागेडन मुकाबले में हार मिली है। वर्तमान स्थिति में दिव्या और हम्पी महिला वर्ग में निचले स्थानों पर मौजूद हैं।उधर विश्व नंबर एक मैग्नस कार्लसन को भी एक और झटका लगा है। उन्हें आर्मागेडन मुकाबले में वेस्ली सो के हाथों हार झेलनी पड़ी है। वहीं अलिरेज़ा फिरोज़जा ने विन्सेंट कीमर को आर्मागेडन में हराकर खिताबी उम्मीदें जीवित रखी हैं।अब अंतिम दिन सभी की निगाहें खिताबी मुकाबले पर टिकी हुई हैं। भारतीय शतरंज प्रेमियों को उम्मीद होगी कि प्रज्ञानानंदा अपनी शानदार लय जारी रखते हुए लगातार चौथी शास्त्रीय जीत दर्ज करें और नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम करें। 

नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट में भारतीय युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंदा ने ऐसा प्रदर्शन किया है जिसने पूरी प्रतियोगिता का समीकरण बदल दिया है। लगातार तीन शास्त्रीय मुकाबलों में जीत दर्ज करने के बाद 20 वर्षीय प्रज्ञानानंदा अब खिताब जीतने के बेहद करीब पहुंच गए हैं। खास बात यह है कि उन्होंने जिन खिलाड़ियों को हराया है उनमें अलिरेज़ा फिरोज़जा, मैग्नस कार्लसन और मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार नौवें दौर के बाद खुली श्रेणी में खिताब की लड़ाई पूरी तरह खुली हुई है। अमेरिका के वेस्ली सो, फ्रांस के अलिरेज़ा फिरोज़जा और भारत के आर. प्रज्ञानानंदा तीनों के पास अंतिम दौर में खिताब जीतने का मौका मौजूद है। दूसरी ओर महिला वर्ग में कजाखस्तान की बिबीसारा असाउबायेवा ने अपना मुकाबला ड्रॉ खेलकर खिताब पहले ही अपने नाम कर लिया है।
गौरतलब है कि इस दौर का सबसे चर्चित मुकाबला डी. गुकेश और आर. प्रज्ञानानंदा के बीच खेला गया। यह दोनों खिलाड़ियों के बीच टूर्नामेंट का दूसरा मुकाबला था। इससे पहले पांचवें दौर में गुकेश ने प्रज्ञानानंदा को हराया था। ऐसे में यह मुकाबला बदले और प्रतिष्ठा दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा था।
नॉर्वे की राजधानी ओस्लो स्थित प्रसिद्ध डाइखमान ब्योर्विका सार्वजनिक पुस्तकालय में खेले गए इस मुकाबले में गुकेश ने सफेद मोहरों से शुरुआत की और शुरुआती चरण में आक्रामक रणनीति अपनाई। हालांकि प्रज्ञानानंदा ने बेहद सटीक बचाव करते हुए खेल का संतुलन अपने पक्ष में मोड़ लिया है।
मुकाबले का निर्णायक क्षण तब आया जब प्रज्ञानानंदा के घोड़े ने विरोधी क्षेत्र में गहराई तक प्रवेश कर महत्वपूर्ण सामग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने गुकेश के आक्रमण को शांत करते हुए धीरे-धीरे अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ा, गुकेश का हमला कमजोर पड़ता गया और प्रज्ञानानंदा के मोहरे अधिक प्रभावी होते गए हैं।
34वीं चाल तक स्थिति पूरी तरह प्रज्ञानानंदा के नियंत्रण में आ चुकी थी। इसके बाद गुकेश ने हार स्वीकार करते हुए हाथ मिला लिया है। इस जीत के साथ प्रज्ञानानंदा ने न केवल अपनी पिछली हार का बदला लिया बल्कि अंक तालिका में शीर्ष पर चल रहे वेस्ली सो से अंतर भी घटाकर मात्र आधा अंक कर दिया है।
बता दें कि अंतिम दौर में प्रज्ञानानंदा का सामना जर्मनी के विन्सेंट कीमर से होगा। कीमर इस टूर्नामेंट में अब तक कोई भी शास्त्रीय मुकाबला नहीं हारे हैं। ऐसे में भारतीय खिलाड़ी के सामने चुनौती आसान नहीं रहने वाली है।
दूसरी ओर भारतीय खिलाड़ियों के लिए टूर्नामेंट का बाकी हिस्सा उतना सुखद नहीं रहा है। महिला वर्ग में दिव्या देशमुख को चीन की झू जिनर के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है। एक समय खिताब की दौड़ में आगे चल रहीं दिव्या का प्रदर्शन अंतिम चरण में कमजोर पड़ गया है।
महिला वर्ग की एक अन्य भारतीय खिलाड़ी कोनेरू हम्पी को भी महिला विश्व चैंपियन जू वेनजुन के खिलाफ आर्मागेडन मुकाबले में हार मिली है। वर्तमान स्थिति में दिव्या और हम्पी महिला वर्ग में निचले स्थानों पर मौजूद हैं।
उधर विश्व नंबर एक मैग्नस कार्लसन को भी एक और झटका लगा है। उन्हें आर्मागेडन मुकाबले में वेस्ली सो के हाथों हार झेलनी पड़ी है। वहीं अलिरेज़ा फिरोज़जा ने विन्सेंट कीमर को आर्मागेडन में हराकर खिताबी उम्मीदें जीवित रखी हैं।
अब अंतिम दिन सभी की निगाहें खिताबी मुकाबले पर टिकी हुई हैं। भारतीय शतरंज प्रेमियों को उम्मीद होगी कि प्रज्ञानानंदा अपनी शानदार लय जारी रखते हुए लगातार चौथी शास्त्रीय जीत दर्ज करें और नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम करें।

​Hindi News – News in Hindi – Latest News in Hindi | Prabhasakshi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *