‘पूर्णिया को उर्जा का हब बनाया जाए’:बिजली मंत्रालय की बैठक में शामिल हुए पप्पू यादव, सीमांचल की बिजली समस्या का मुद्दा उठाया

‘पूर्णिया को उर्जा का हब बनाया जाए’:बिजली मंत्रालय की बैठक में शामिल हुए पप्पू यादव, सीमांचल की बिजली समस्या का मुद्दा उठाया

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बिजली मंत्रालय की अहम बैठक में पूर्णिया समेत सीमांचल, कोसी और मिथिलांचल की बिजली समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया है। चंडीगढ़ में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि सिर्फ बिजली उत्पादन बढ़ाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था को भी मजबूत करना जरूरी है, ताकि लोगों को बिना रुकावट बेहतर बिजली मिल सके। बैठक के दौरान पप्पू यादव ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाईक से मुलाकात कर पूर्णिया को ऊर्जा क्षेत्र का केंद्र बनाने की मांग भी की। सांसद पप्पू यादव ने सौर ऊर्जा समेत अन्य योजनाओं में मिलने वाली सब्सिडी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी सहायता का फायदा सीधे आम लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई योजनाओं में सब्सिडी घोषित होती है, लेकिन उपभोक्ताओं को अब भी बड़ी रकम अपनी जेब से खर्च करनी पड़ती है। ‘स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों की शिकायतों का मुद्दा भी उठाया’ पप्पू यादव ने कहा कि पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जैसे जिलों में हल्की बारिश या तेज हवा आते ही बिजली गुल हो जाती है। इसकी वजह पुराने तार, कमजोर ट्रांसमिशन नेटवर्क और खराब बिजली ढांचा है। उन्होंने केंद्र सरकार से इन इलाकों में नए पोल लगाने, ट्रांसमिशन लाइनें मजबूत करने और बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने की मांग की। उन्होंने स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों की शिकायतों का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि सरकार को पारदर्शिता के साथ लोगों की समस्याएं सुननी चाहिए और उनका समाधान करना चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं का भरोसा बना रहे। सांसद ने बिहार में जलविद्युत परियोजनाओं की संभावनाओं का भी जिक्र किया और नवादा-रजौली समेत अन्य क्षेत्रों में हाइड्रो पावर परियोजनाएं शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण तीनों क्षेत्रों में संतुलित निवेश किया जाए तो बिहार भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकता है। पप्पू यादव ने कहा कि हर नागरिक को सस्ती, भरोसेमंद और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होनी चाहिए। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बिजली मंत्रालय की अहम बैठक में पूर्णिया समेत सीमांचल, कोसी और मिथिलांचल की बिजली समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया है। चंडीगढ़ में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि सिर्फ बिजली उत्पादन बढ़ाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था को भी मजबूत करना जरूरी है, ताकि लोगों को बिना रुकावट बेहतर बिजली मिल सके। बैठक के दौरान पप्पू यादव ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाईक से मुलाकात कर पूर्णिया को ऊर्जा क्षेत्र का केंद्र बनाने की मांग भी की। सांसद पप्पू यादव ने सौर ऊर्जा समेत अन्य योजनाओं में मिलने वाली सब्सिडी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी सहायता का फायदा सीधे आम लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई योजनाओं में सब्सिडी घोषित होती है, लेकिन उपभोक्ताओं को अब भी बड़ी रकम अपनी जेब से खर्च करनी पड़ती है। ‘स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों की शिकायतों का मुद्दा भी उठाया’ पप्पू यादव ने कहा कि पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जैसे जिलों में हल्की बारिश या तेज हवा आते ही बिजली गुल हो जाती है। इसकी वजह पुराने तार, कमजोर ट्रांसमिशन नेटवर्क और खराब बिजली ढांचा है। उन्होंने केंद्र सरकार से इन इलाकों में नए पोल लगाने, ट्रांसमिशन लाइनें मजबूत करने और बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने की मांग की। उन्होंने स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों की शिकायतों का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि सरकार को पारदर्शिता के साथ लोगों की समस्याएं सुननी चाहिए और उनका समाधान करना चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं का भरोसा बना रहे। सांसद ने बिहार में जलविद्युत परियोजनाओं की संभावनाओं का भी जिक्र किया और नवादा-रजौली समेत अन्य क्षेत्रों में हाइड्रो पावर परियोजनाएं शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण तीनों क्षेत्रों में संतुलित निवेश किया जाए तो बिहार भविष्य में ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकता है। पप्पू यादव ने कहा कि हर नागरिक को सस्ती, भरोसेमंद और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होनी चाहिए।  

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