राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अध्यक्ष राजेश वर्मा के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय दल ने शनिवार को पंजाब के अमृतसर और तरनतारन जिलों के उपायुक्तों तथा संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में धान की पराली के व्यापक प्रबंधन के लिए लागू किए गए उपायों की समीक्षा की गई। इसमें पराली जलाने की घटनाओं को कम करने और अंततः पूरी तरह समाप्त करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दल ने दोनों जिलों में धान की पराली के प्रबंधन के लिए खेतों में ही किए जाने वाले उपायों और खेतों से बाहर पराली के उपयोग के तरीकों के साथ-साथ इस दिशा में उपलब्ध सुविधाओं और बुनियादी ढांचे का भी आकलन किया। इस दल ने आग लगने की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर जिलों की ओर से की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की। आयोग ने इन घटनाओं में वृद्धि पर चिंता जताई और अधिकारियों को इनकी संख्या कम करने के लिए हरसंभव प्रयास करने का निर्देश दिया।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में इस साल 15 सितंबर से 23 अक्टूबर के बीच खेतों में आग लगने के 542 मामले सामने आए, इनमें से लगभग आधी घटनाएं तरनतारन में हुईं।

