केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को दिल्ली पुलिस की बड़े जमावड़ों से निपटने की और कानून-व्यवस्था बनाने रखने की तैयारियों की समीक्षा की। शाह ने वरिष्ठ अधिकारियों और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ बैठक की। यह बैठक राष्ट्रीय राजधानी में लगातार हो रहे प्रदर्शनों के बीच हुई।
पहले पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नीट मामले को लेकर प्रदर्शन हुए और फिर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए। ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित गड़बड़ी कराने और लाखों मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोप हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि बैठक में प्रदर्शनों को हिंसक या तनावपूर्ण होने से रोकने के लिए रणनीति तैयार करने, खुफिया जानकारी जुटाने की व्यवस्था मजबूत करने और पुलिस तथा जनता के बीच संवाद बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
शाह अपराह्न करीब तीन बजे जय सिंह रोड स्थित दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचे। उनके साथ गुप्ता, पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार, विशेष और संयुक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त तथा विशेष प्रकोष्ठ और अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। सूत्रों के अनुसार, बैठक तीन घंटे से अधिक समय तक चली।
गृह मंत्री के कार्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज दिल्ली पुलिस मुख्यालय में सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।’’
सूत्रों ने बताया कि समीक्षा बैठक में पिछले पांच महीनों के दौरान दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के घटनाक्रम, पुलिस की प्रतिक्रिया और हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान तथा सुरक्षा अवरोधकों को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिशों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक उपायों पर चर्चा की गई।

