अम्बेडकरनगर में जिला मुख्यालय स्थित सेंट पीटर्स इंटर कॉलेज में ट्रैफिक जाम के कारण देर से पहुंचने वाले छात्रों को कथित तौर पर दंडित किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि रोजाना सैकड़ों बच्चों को स्कूल देर से पहुंचने पर उनकी डायरी में पनिशमेंट नोट लिख दिया जाता है, जबकि देरी की मुख्य वजह स्कूल के बाहर लगने वाला भीषण जाम है। बताया जा रहा है कि ओवरब्रिज के नीचे स्थित इस विद्यालय तक पहुंचने के लिए सुबह 7 बजे के आसपास भारी मशक्कत करनी पड़ती है। यही स्कूल का टाइम भी है। स्कूल के पहले रोडवेज बसों, ई-रिक्शा, निजी वाहनों और अन्य ट्रैफिक के दबाव के चलते रोजाना जाम की स्थिति बन जाती है। इस रास्ते से रेलवे स्टेशन को भी रास्ता जाता है। ऐसे में सैकड़ों बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते और उन्हें सजा का सामना करना पड़ता है। अभिभावकों में इस व्यवस्था को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि जब स्कूल प्रशासन को ट्रैफिक समस्या की जानकारी है, तो विद्यालय की ओर से किसी गार्ड या कर्मचारी की तैनाती की जानी चाहिए, जो ओवरब्रिज के नीचे खड़े होकर यातायात को व्यवस्थित करा सके। इससे बच्चों को सुरक्षित और समय पर स्कूल पहुंचने में मदद मिल सकती है। वहीं अभिभावकों ने प्रशासन पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सुबह स्कूल खुलने के समय वहां यातायात पुलिस या अन्य कोई व्यवस्था नहीं रहती, जिससे रोजाना अव्यवस्था फैलती है। शेखर, अखिलेश सिंह आदि अभिभावकों ने मांग की है कि स्कूल प्रशासन और जिला प्रशासन मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें, ताकि बच्चों को ट्रैफिक जाम की सजा न भुगतनी पड़े।


