Pune News: लंदन में एमबीए की पढ़ाई करने गई 34 वर्षीय मुग्धा देशमुख की मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया। वह कई महीने पहले ही चुपचाप भारत लौट आई थीं और पिंपरी-चिंचवड़ के पास एक आलीशान सोसायटी के फ्लैट में अकेली रह रही थीं। परिवार को उनकी वापसी की जानकारी तक नहीं थी। पुलिस ने जब उनके बैंक खातों और ऑनलाइन खरीदारी के रिकॉर्ड की जांच की, तब पता चला कि वह भारत में ही हैं। इसके बाद पुलिस फ्लैट तक पहुंची, जहां उनका सड़ा हुआ शव मिला।
23 अक्टूबर को मां से आखिरी बार बातचीत
मुग्धा देशमुख छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता अविनाश देशमुख की बेटी थीं। वह जुलाई 2025 में एमबीए की पढ़ाई के लिए लंदन गई थीं। वहां रहने के दौरान वह रोज अपने परिवार से बात करती थीं। 23 अक्टूबर 2026 को मां से आखिरी बार बातचीत के बाद अचानक उनका संपर्क टूट गया। परिवार ने मुग्धा से संपर्क करने की कई कोशिशें कीं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
अगस्त में ही छोड़ दिया था लंदन
इसके बाद परिजनों ने लंदन में रहने वाली उनकी एक सहेली से जानकारी जुटाई। सहेली से पता चला कि मुग्धा अगस्त 2026 के आखिरी दिनों में ही लंदन छोड़ चुकी थीं। वह भारत लौट आई थीं, लेकिन उन्होंने इसकी जानकारी अपने परिवार को नहीं दी थी। मुग्धा के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलने पर परेशान परिजनों ने भारतीय उच्चायोग से भी संपर्क किया। वहां से कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने छत्रपति संभाजीनगर के उस्मानपुरा पुलिस थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
ऑनलाइन ऑर्डर से मिला सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने मुग्धा के बैंक खातों के लेन-देन और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले। इस दौरान पता चला कि भारत में जोमैटो, ब्लिंकिट और स्विगी जैसे ऐप पर उनके क्रेडिट कार्ड से खाने-पीने का सामान मंगाया जा रहा था। इससे पुलिस को यकीन हो गया कि मुग्धा लंदन में नहीं, बल्कि भारत में ही हैं। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस की टीम सोसायटी पहुंची। वहां मुग्धा का फ्लैट बंद था। पुलिस ने दूसरी चाबी की मदद से दरवाजा खोला और अंदर पहुंची। बेडरूम में मुग्धा का शव सड़ी हुई अवस्था में मिला।
कामवाली को भी काम पर आने से मना किया था
शिरगांव पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक देवेंद्र चव्हाण के अनुसार मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। मुग्धा अगस्त 2026 से इस फ्लैट में अकेली रह रही थीं। उन्होंने 21 अक्टूबर को अपने घर में काम करने वाली महिला को भी काम पर आने से मना कर दिया था।

