शिकायतों-समस्याओं और सुझावों का ट्रांसपेरेंट समाधान करें-NO:खगड़िया की 14 पंचायतों में उमड़ा जनसैलाब,ORS-फर्स्ट एड की व्यवस्था

शिकायतों-समस्याओं और सुझावों का ट्रांसपेरेंट समाधान करें-NO:खगड़िया की 14 पंचायतों में उमड़ा जनसैलाब,ORS-फर्स्ट एड की व्यवस्था

खगड़िया के सातों प्रखंडों की 14 पंचायतों में मंगलवार को सहयोग शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और लंबित समस्याओं के समाधान के लिए हजारों ग्रामीण उमड़ पड़े। सुबह से ही पंचायत भवनों और शिविर स्थलों पर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और युवा शामिल थे। सदर प्रखंड के कुसुमपुरी बिशनपुर पंचायत में आयोजित शिविर में नोडल पदाधिकारी सह वरीय उप समाहर्ता प्रवीण कुमार ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण स्तर तक प्रशासनिक सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें उन्होंने कहा कि आम लोगों को छोटी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसी उद्देश्य से प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कुमार ने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि लोगों की शिकायतों, समस्याओं और सुझावों का त्वरित और पारदर्शी तरीके से समाधान हो। शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन की विभागवार समीक्षा की जा रही है। जिन मामलों का तत्काल निपटारा संभव था। उनका मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि अन्य मामलों को संबंधित विभागों को भेजकर निर्धारित समयसीमा में निष्पादन के निर्देश दिए गए हैं। इस अवसर पर अवर निर्वाचन पदाधिकारी अविनाश कुमार, अंचलाधिकारी पुनीत कौशल सहित कई विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। 5 मई से शुरू हुई थी आवेदन लेने की प्रक्रिया
सहयोग शिविर को सफल बनाने के लिए प्रशासन द्वारा पहले से व्यापक तैयारी की गई थी। संबंधित पंचायतों में 5 मई से ही आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। ग्रामीणों ने ऑनलाइन माध्यम के साथ-साथ पंचायत स्तर पर ऑफलाइन आवेदन भी जमा किए। जिला प्रशासन के अनुसार विभिन्न पंचायतों से करीब 2100 आवेदन प्राप्त हुए, जिनकी विभागवार जांच और प्रक्रिया पूरी की गई।
शिविर में बड़ी संख्या में लोगों को विभिन्न योजनाओं से संबंधित स्वीकृति पत्र, प्रमाण-पत्र एवं अन्य लाभ प्रदान किए गए। कई लाभुकों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, भूमि विवाद समाधान, विद्युत कनेक्शन, आय-जाति-निवास प्रमाण-पत्र तथा अन्य योजनाओं से जुड़ी स्वीकृतियां मौके पर उपलब्ध कराई गईं। वहीं जिन मामलों का निष्पादन तुरंत संभव नहीं हो पाया, उनके लिए 15 दिनों के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। अस्वीकृत आवेदनों के कारण भी संबंधित लोगों को स्पष्ट रूप से बताए गए।
विभिन्न विभागों के हेल्प डेस्क पर लगी रही भीड़
शिविर में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिजली विभाग, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, लोक शिकायत निवारण विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा पुलिस विभाग की ओर से अलग-अलग हेल्प डेस्क लगाए गए थे। विभिन्न स्टॉलों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ लगी रही। कर्मियों द्वारा आवेदन प्राप्त कर आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई और लोगों को योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत स्तर पर शिविर लगने से उन्हें काफी सहूलियत मिली है। पहले छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए जिला एवं प्रखंड कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब पंचायत स्तर पर ही आवेदन जमा करने और अधिकारियों से सीधे संवाद करने का अवसर मिल रहा है। प्रभारी मंत्री मदन सहनी ने कई पंचायतों का किया निरीक्षण
जिले में आयोजित सहयोग शिविरों का जायजा लेने के लिए प्रभारी मंत्री मदन सहनी बांधचातर, तेलौंछ और अमनी पंचायत पहुंचे। उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा मौजूद अधिकारियों को लोगों की समस्याओं का गंभीरता से समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आम जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
वहीं जिला प्रभारी सचिव सह विद्युत विभाग के एमडी राहुल कुमार ने बलहा और गोगरी पंचायत में आयोजित शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया।
डीएम और एसपी ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा
जिलाधिकारी नवीन कुमार और पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने बांधचातर, बरैय और धुसमुरी बिशनपुर पंचायत पहुंचकर सहयोग शिविर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों पर जाकर आवेदन प्रक्रिया की जानकारी ली और उपस्थित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
डीएम ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों का निष्पादन समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए। वहीं एसपी ने पुलिस विभाग से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने शिविर स्थल पर पेयजल, छाया और बैठने की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। मेडिकल कैंप में हुई स्वास्थ्य जांच, दवाइयों का वितरण
भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए प्रत्येक शिविर स्थल पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल कैंप भी लगाया गया था। यहां लोगों की ब्लड प्रेशर, शुगर सहित अन्य सामान्य स्वास्थ्य जांच की गई। जरूरतमंद लोगों को मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लोगों को गर्मी से बचाव के उपायों की भी जानकारी दी गई।
इसके अलावा शिविर स्थलों पर ओआरएस, प्राथमिक उपचार और एंबुलेंस की विशेष व्यवस्था की गई थी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। वंदे मातरम और राष्ट्रगान से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
सभी पंचायतों में आयोजित सहयोग शिविरों की शुरुआत वंदे मातरम और राष्ट्रगान जन-गण-मन के सामूहिक गायन से की गई। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कर्मियों और ग्रामीणों ने खड़े होकर राष्ट्रगान में भाग लिया। इसके बाद विभागीय कार्यों और आवेदन निष्पादन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की गई।
जिले के बरैय, धुसमुरी बिशनपुर, गौड़ाचक, बांधचातर, मध्य बोरने, तेलौंछ, अमनी, बलहा, गोगरी, बोरना, खजरैठा, बंदेहरा, तेलिहार और बेला नौबाद पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित किए गए, जहां दिनभर लोगों की भीड़ बनी रही। प्रशासन का दावा है कि इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर ही सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे आम लोगों की परेशानियां कम हो रही हैं। खगड़िया के सातों प्रखंडों की 14 पंचायतों में मंगलवार को सहयोग शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और लंबित समस्याओं के समाधान के लिए हजारों ग्रामीण उमड़ पड़े। सुबह से ही पंचायत भवनों और शिविर स्थलों पर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और युवा शामिल थे। सदर प्रखंड के कुसुमपुरी बिशनपुर पंचायत में आयोजित शिविर में नोडल पदाधिकारी सह वरीय उप समाहर्ता प्रवीण कुमार ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण स्तर तक प्रशासनिक सेवाएं पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें उन्होंने कहा कि आम लोगों को छोटी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसी उद्देश्य से प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कुमार ने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि लोगों की शिकायतों, समस्याओं और सुझावों का त्वरित और पारदर्शी तरीके से समाधान हो। शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन की विभागवार समीक्षा की जा रही है। जिन मामलों का तत्काल निपटारा संभव था। उनका मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि अन्य मामलों को संबंधित विभागों को भेजकर निर्धारित समयसीमा में निष्पादन के निर्देश दिए गए हैं। इस अवसर पर अवर निर्वाचन पदाधिकारी अविनाश कुमार, अंचलाधिकारी पुनीत कौशल सहित कई विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। 5 मई से शुरू हुई थी आवेदन लेने की प्रक्रिया
सहयोग शिविर को सफल बनाने के लिए प्रशासन द्वारा पहले से व्यापक तैयारी की गई थी। संबंधित पंचायतों में 5 मई से ही आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। ग्रामीणों ने ऑनलाइन माध्यम के साथ-साथ पंचायत स्तर पर ऑफलाइन आवेदन भी जमा किए। जिला प्रशासन के अनुसार विभिन्न पंचायतों से करीब 2100 आवेदन प्राप्त हुए, जिनकी विभागवार जांच और प्रक्रिया पूरी की गई।
शिविर में बड़ी संख्या में लोगों को विभिन्न योजनाओं से संबंधित स्वीकृति पत्र, प्रमाण-पत्र एवं अन्य लाभ प्रदान किए गए। कई लाभुकों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन कार्ड, भूमि विवाद समाधान, विद्युत कनेक्शन, आय-जाति-निवास प्रमाण-पत्र तथा अन्य योजनाओं से जुड़ी स्वीकृतियां मौके पर उपलब्ध कराई गईं। वहीं जिन मामलों का निष्पादन तुरंत संभव नहीं हो पाया, उनके लिए 15 दिनों के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। अस्वीकृत आवेदनों के कारण भी संबंधित लोगों को स्पष्ट रूप से बताए गए।
विभिन्न विभागों के हेल्प डेस्क पर लगी रही भीड़
शिविर में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिजली विभाग, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, लोक शिकायत निवारण विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा पुलिस विभाग की ओर से अलग-अलग हेल्प डेस्क लगाए गए थे। विभिन्न स्टॉलों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ लगी रही। कर्मियों द्वारा आवेदन प्राप्त कर आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई और लोगों को योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत स्तर पर शिविर लगने से उन्हें काफी सहूलियत मिली है। पहले छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए जिला एवं प्रखंड कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब पंचायत स्तर पर ही आवेदन जमा करने और अधिकारियों से सीधे संवाद करने का अवसर मिल रहा है। प्रभारी मंत्री मदन सहनी ने कई पंचायतों का किया निरीक्षण
जिले में आयोजित सहयोग शिविरों का जायजा लेने के लिए प्रभारी मंत्री मदन सहनी बांधचातर, तेलौंछ और अमनी पंचायत पहुंचे। उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा मौजूद अधिकारियों को लोगों की समस्याओं का गंभीरता से समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि आम जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
वहीं जिला प्रभारी सचिव सह विद्युत विभाग के एमडी राहुल कुमार ने बलहा और गोगरी पंचायत में आयोजित शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया।
डीएम और एसपी ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा
जिलाधिकारी नवीन कुमार और पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने बांधचातर, बरैय और धुसमुरी बिशनपुर पंचायत पहुंचकर सहयोग शिविर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों पर जाकर आवेदन प्रक्रिया की जानकारी ली और उपस्थित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।
डीएम ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों का निष्पादन समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए। वहीं एसपी ने पुलिस विभाग से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने शिविर स्थल पर पेयजल, छाया और बैठने की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। मेडिकल कैंप में हुई स्वास्थ्य जांच, दवाइयों का वितरण
भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए प्रत्येक शिविर स्थल पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल कैंप भी लगाया गया था। यहां लोगों की ब्लड प्रेशर, शुगर सहित अन्य सामान्य स्वास्थ्य जांच की गई। जरूरतमंद लोगों को मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लोगों को गर्मी से बचाव के उपायों की भी जानकारी दी गई।
इसके अलावा शिविर स्थलों पर ओआरएस, प्राथमिक उपचार और एंबुलेंस की विशेष व्यवस्था की गई थी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। वंदे मातरम और राष्ट्रगान से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
सभी पंचायतों में आयोजित सहयोग शिविरों की शुरुआत वंदे मातरम और राष्ट्रगान जन-गण-मन के सामूहिक गायन से की गई। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, कर्मियों और ग्रामीणों ने खड़े होकर राष्ट्रगान में भाग लिया। इसके बाद विभागीय कार्यों और आवेदन निष्पादन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की गई।
जिले के बरैय, धुसमुरी बिशनपुर, गौड़ाचक, बांधचातर, मध्य बोरने, तेलौंछ, अमनी, बलहा, गोगरी, बोरना, खजरैठा, बंदेहरा, तेलिहार और बेला नौबाद पंचायतों में सहयोग शिविर आयोजित किए गए, जहां दिनभर लोगों की भीड़ बनी रही। प्रशासन का दावा है कि इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर ही सरकारी सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे आम लोगों की परेशानियां कम हो रही हैं।  

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