शव रख प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों की पुलिस से झड़प:आठ घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर नाराज थे परिजन

शव रख प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों की पुलिस से झड़प:आठ घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर नाराज थे परिजन

ललितपुर में एक किसान के शव को लेकर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। यह घटना तब हुई जब ग्रामीण पोस्टमार्टम रिपोर्ट से असंतुष्ट होकर शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने से इनकार कर रहे थे। आठ घंटे के विरोध के बाद देर रात किसान का अंतिम संस्कार हो सका। थाना जाखलौन के ग्राम नयागांव निवासी 70 वर्षीय किसान धनीराम झां 31 मई की रात अपने खेत से लापता हो गए थे। उनके पुत्र अनिल ने 1 जून को थाना जाखलौन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 2 जून की शाम गांव से 2 किलोमीटर दूर ग्राम बरदेही के निकट राजघाट बांध किनारे धनीराम का शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला था। शव मिलने के बाद परिजनों ने गांव के चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाया। मृतक के पुत्र अनिल की शिकायत पर थाना जाखलौन पुलिस ने गफूर खां, कलामुद्दीन, वाहिद और कन्छेदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। बुधवार शाम को जब परिजन गांव में शव का अंतिम संस्कार कर रहे थे, तभी उन्हें जानकारी मिली कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक की मौत पानी में डूबने से बताई गई है। इस जानकारी से परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने शव को अर्थी से उठाकर ट्रैक्टर में रखकर ललितपुर प्रदर्शन के लिए ले जाने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस ने ग्रामीणों को रोक लिया, जिससे दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई। घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह, उप जिलाधिकारी सदर मनीष कुमार, सीओ सिटी सुनील भारद्वाज सहित महिला पुलिस बल और लगभग 100 से अधिक पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। कई थानों की पुलिस भी तैनात की गई। मृतक के परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। हालांकि, आठ घंटे के बाद पुलिस और प्रशासन के समझाने पर परिजन माने और रात दस बजे किसान धनीराम झां का अंतिम संस्कार हो सका। जिसके बाद बुधवार को पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया, वहीं मृतक के पुत्र अनिल सहित 50 से अधिक ग्रामीणों ने गांव के ही चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए दोपहर में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिया, इसके बाद घंटाघर मैदान पर 2 बजे से प्रदर्शन करते हुए जाम लगा दिया था, इसके बाद पुलिस के आश्वासन पर परिजन मान गए थे व शव को लेकर गांव पहुंच गए थे।
जहां, शाम 7 बजे के दरम्यान शव को अंतिम संस्कार किया जा रहा था, इसी दौरान परिजनों को जानकारी लगी कि पोस्टमॉर्टम में मौत का कारण पानी में डूबने से आया है, जिससे परिजनों व ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने शव को अर्थी से उठाकर प्रदर्शन के लिए रखकर ललितपुर आने लगे, तो पुलिस ने रास्ते में उन्हें रोक लिया, इस दौरान पुलिस व ग्रामीणों के बीच जमकर नोक-झोंक हुई। इस दौरान पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया, जिससे ग्रामीणों में भगदड़ मच गई और वह शव को ट्रैक्टर में ही छोडक़र भाग गए। इधर घटना की जानकारी लगते ही उपजिलाधिकारी सदर मनीष कुमार सहित 5 से अधिक थानों की पुलिस व 100 से अधिक पुलिसकर्मी गांव पहुंच गए। जहां पुलिस परिजनों को अंतिम संस्कार करने के लिए मना रही थी।
मृतक के पुत्र अनिल का आरोप है कि उसकी जमीन पर आम का पेड़ लगा हुआ है, जिसको लेकर गांव के ही चार लोग उसे अपना बताकर धमकी दे रहे थे, यही नहीं 27 मई को उनके द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई थी।

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