सुपौल जिला मुख्यालय स्थित डिग्री कॉलेज चौक धरना स्थल पर सोमवार को किसान संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों और मजदूरों ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अखिल भारतीय किसान महासभा के नेतृत्व में विभिन्न किसान समस्याओं और मांगों को लेकर आयोजित किया गया। धरना में अति वृष्टि और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे का अविलंब भुगतान करने तथा सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की कानूनी गारंटी देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। केंद्र सरकार किसानों की उपेक्षा कर रही धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान संघर्ष समिति के संयोजक सह पिपरा विधानसभा के माले प्रत्याशी कॉमरेड अनिल कुमार ने की। उन्होंने केंद्र सरकार पर किसानों की लगातार उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में किसानों पर आर्थिक और नीतिगत हमला किया गया है। उन्होंने कहा कि लंबे आंदोलन के बाद किसानों ने तीन कृषि कानूनों को वापस कराया था, लेकिन हाल में हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते किसानों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने सरकार से किसान विरोधी नीतियों को वापस लेने की मांग की। अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला अध्यक्ष कॉमरेड अच्छेलाल मेहता ने कहा कि किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे खेती प्रभावित हो रही है। पैक्स के माध्यम से भुगतान समय पर नहीं उन्होंने आरोप लगाया कि पैक्स के माध्यम से खरीदे गए धान और गेहूं का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है, जिससे किसान आर्थिक संकट झेल रहे हैं। साथ ही अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार और किसानों के शोषण का भी मुद्दा उठाया गया। मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की मांग माले के जिला सचिव कॉमरेड जय नारायण यादव ने राज्य सरकार पर गरीबों और भूमिहीनों के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया। वहीं ऐक्टू के जिला सचिव कॉमरेड अरविंद कुमार शर्मा ने श्रम कानूनों में बदलाव का विरोध करते हुए मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की मांग की। धरना प्रदर्शन को कॉमरेड सत्यनारायण मुखिया, दीन मोहम्मद, वीणा देवी, कामेश्वर यादव और मुकेश कुमार समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और ग्रामीण मौजूद रहे। सुपौल जिला मुख्यालय स्थित डिग्री कॉलेज चौक धरना स्थल पर सोमवार को किसान संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों और मजदूरों ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अखिल भारतीय किसान महासभा के नेतृत्व में विभिन्न किसान समस्याओं और मांगों को लेकर आयोजित किया गया। धरना में अति वृष्टि और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे का अविलंब भुगतान करने तथा सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की कानूनी गारंटी देने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। केंद्र सरकार किसानों की उपेक्षा कर रही धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान संघर्ष समिति के संयोजक सह पिपरा विधानसभा के माले प्रत्याशी कॉमरेड अनिल कुमार ने की। उन्होंने केंद्र सरकार पर किसानों की लगातार उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में किसानों पर आर्थिक और नीतिगत हमला किया गया है। उन्होंने कहा कि लंबे आंदोलन के बाद किसानों ने तीन कृषि कानूनों को वापस कराया था, लेकिन हाल में हुए अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते किसानों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने सरकार से किसान विरोधी नीतियों को वापस लेने की मांग की। अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला अध्यक्ष कॉमरेड अच्छेलाल मेहता ने कहा कि किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिससे खेती प्रभावित हो रही है। पैक्स के माध्यम से भुगतान समय पर नहीं उन्होंने आरोप लगाया कि पैक्स के माध्यम से खरीदे गए धान और गेहूं का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है, जिससे किसान आर्थिक संकट झेल रहे हैं। साथ ही अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार और किसानों के शोषण का भी मुद्दा उठाया गया। मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की मांग माले के जिला सचिव कॉमरेड जय नारायण यादव ने राज्य सरकार पर गरीबों और भूमिहीनों के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया। वहीं ऐक्टू के जिला सचिव कॉमरेड अरविंद कुमार शर्मा ने श्रम कानूनों में बदलाव का विरोध करते हुए मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की मांग की। धरना प्रदर्शन को कॉमरेड सत्यनारायण मुखिया, दीन मोहम्मद, वीणा देवी, कामेश्वर यादव और मुकेश कुमार समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और ग्रामीण मौजूद रहे।


