करनाल के सेक्टर-32 में झुग्गियां हटाने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की टीम बुलडोजर लेकर पहुंची तो वहां रहने वाले लोगों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया। अचानक कार्रवाई से घबराए लोगों ने हंगामा करते हुए सवाल उठाए कि बिना पूर्व सूचना उनके आशियाने क्यों तोड़े जा रहे हैं। स्थिति बिगड़ती देख अधिकारियों ने फिलहाल कार्रवाई रोकते हुए 15 दिन का समय देकर टीम को वापस बुला लिया। चंदन लाल, मुकेश कुमार, पंकज, संजीव, राजेश, काजल व झुग्गियों में रहने वाले अन्य लोगों का कहना है कि वे पिछले 30-35 वर्षों से यहां रह रहे हैं। अचानक विभाग के अधिकारी बुलडोजर लेकर पहुंचे और झुग्गियां खाली करने को कहा। लोगों के अनुसार कुछ झुग्गियां तोड़ भी दी गईं, जिसके बाद सभी ने मिलकर विरोध शुरू कर दिया। बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया। अधिकारियों ने मौके पर कुछ कागजों पर साइन कराने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने साइन करने से मना कर दिया। इसके बावजूद झुग्गियों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी गई, जिससे लोगों में गुस्सा बढ़ गया। रहने की व्यवस्था को लेकर चिंता झुग्गीवासियों का कहना है कि उनके सामने सबसे बड़ी समस्या रहने की है। छोटे-छोटे बच्चों और घरेलू सामान के साथ वे कहां जाएंगे, यह चिंता उन्हें सता रही है। उनका कहना है कि किराए पर कमरा लेना महंगा है और वे दिहाड़ी मजदूरी कर गुजारा करते हैं। सरकार से लगाई मदद की गुहार लोगों ने सरकार से अपील की है कि उन्हें हटाने से पहले रहने की उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने बताया कि वे चूल्हे पर खाना बनाकर अपना जीवन चलाते हैं, क्योंकि गैस सिलेंडर महंगा है। ऐसे में सैकड़ों परिवारों के सामने अब भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।


