करनाल में नगर निगम ने अपनी दुकानों का किराया न चुकाने वाले किराएदारों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का फैसला लिया है। लंबे समय से बकाया किराया नहीं देने वाले दुकानदारों पर अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निगम ने साफ कर दिया है कि अगर तय समय में भुगतान नहीं हुआ तो किराएदारों की चल और अचल संपत्तियों को अटैच किया जाएगा। इसके लिए निगम की प्रवर्तन टीम पूरी तैयारी कर चुकी है। नगर निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि बीते वित्त वर्ष में सील की गई 18 दुकानों के किराएदारों ने अब तक बकाया जमा नहीं किया है। इन दुकानों पर कुल 91 लाख 24 हजार 974 रुपए बकाया है। संबंधित किराएदारों को 3 दिन का अंतिम मौका दिया गया है। यदि इस अवधि में भुगतान नहीं हुआ तो उनकी संपत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। 133 बड़े बकायादारों की सूची तैयार उन्होंने बताया कि निगम ने बड़े बकायादारों की सूची तैयार की है, जिसमें 133 किराएदार शामिल हैं। इनमें से 18 दुकानों को पहले ही सील किया जा चुका है। बाकी 115 दुकानों पर भी 36 लाख 9 हजार 691 रुपए का बकाया है। इन सभी को भी 3 दिन की मोहलत दी गई है। इसके बाद निगम सख्ती से वसूली करेगा। इन क्षेत्रों की दुकानें शामिल कार्रवाई के दायरे में महर्षि वाल्मिकी चौक, नावल्टी रोड, प्रेम नगर, राम नगर, मीनार रोड, पुराना बस स्टैंड रोड, पुराना पोस्ट ऑफिस, मेरठ रोड, बांसो गेट, अर्जुन गेट, नेहरू पैलेस मार्केट, रणधीर रोड, डॉ. ज्ञान भूषण मार्केट रोड, कर्ण पार्क, कर्ण ताल, कम्बोपुरा, उचानी और उचाना क्षेत्रों की दुकानें शामिल हैं। रिकॉर्ड वसूली का दावा डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में नगर निगम ने दुकानों के किराए की रिकॉर्ड वसूली की है। इस दौरान कुल 1 करोड़ 93 लाख 3 हजार 383 रुपए का राजस्व एकत्र किया गया। इसमें किराया और बकाया दोनों शामिल हैं। इसके अलावा 33 लाख 67 हजार 400 रुपए ब्याज के रूप में भी वसूले गए हैं। नगर निगम ने साफ संकेत दिए हैं कि अब बकाया रखने वालों को किसी तरह की राहत नहीं दी जाएगी और तय समय के बाद सीधी कार्रवाई होगी।


