सिविल सेवा दिवस के मौके पर राजगढ़ में स्कूली बच्चों की एक अलग ही तस्वीर सामने आई। स्वामी विवेकानंद विद्यालय के विद्यार्थियों ने जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर उनसे मार्गदर्शन लिया। इस दौरान बच्चों में खास उत्साह देखने को मिला। सबसे पहले विद्यार्थी कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा से मिले। उन्होंने बच्चों से सहज बातचीत करते हुए उनके भविष्य के लक्ष्यों के बारे में पूछा। एक छात्र ने जब कहा कि वह सबसे पहले “अच्छा इंसान” बनना चाहता है, तो कलेक्टर ने इसे सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि जीवन में पद कोई भी हो, लेकिन एक अच्छा इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनना सबसे जरूरी है। इसके बाद बच्चों ने पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी से मुलाकात की। यहां बच्चों ने खुलकर सवाल पूछे और एसपी ने भी सरल भाषा में उनके जवाब दिए। उन्होंने राष्ट्रीय प्रतीक और तिरंगे के रंगों का महत्व समझाया। साथ ही “लर्निंग बाय डूइंग” यानी करके सीखने की बात पर जोर दिया। बच्चों की पुलिस वर्दी और प्रशासनिक ड्रेस को देखकर उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास बच्चों को अपने लक्ष्य के करीब लाते हैं। फिर विद्यार्थी डिप्टी कलेक्टर ज्योति बगवैया से मिले। उन्होंने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि छोटी उम्र में ही बड़े सपने देखना और उनके लिए मेहनत करना जरूरी है। उन्होंने बच्चों को देश और समाज के लिए काम करने की प्रेरणा दी। इस पूरे कार्यक्रम में एक खास बात यह रही कि कुछ बच्चे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की वेशभूषा पहनकर पहुंचे थे, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इससे बच्चों के अंदर अपने भविष्य को लेकर उत्साह और स्पष्ट नजर आया। अंत में विद्यालय के प्राचार्य ए. साहा और उपप्राचार्य श्वेता व्यास ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों को किताबों से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन से सीखने का अवसर देती हैं। उन्होंने सभी प्रशासनिक अधिकारियों का समय और मार्गदर्शन देने के लिए आभार जताया।


