देवघर में आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) झारखंड और देवघर पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई में अवैध हथियार तस्करी से जुड़े एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह कार्रवाई देवघर नगर थाना कांड संख्या 170/26, दिनांक 24 अप्रैल 2026 के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई। मामले के वादी, एटीएस झारखंड, रांची के थाना प्रभारी अभिनंदन कुमार द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट 25(1-बी)/26/35 के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि देवघर निवासी अजीत कुमार पांडे अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अवैध हथियारों की तस्करी और आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वे पैसों के बदले हत्या जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम देने के लिए भी तैयार रहते थे। इससे यह संकेत मिलता है कि यह गिरोह केवल तस्करी ही नहीं, बल्कि संगठित अपराध से भी जुड़ा हुआ है। संयुक्त छापेमारी के दौरान अजीत कुमार पांडे उर्फ अजीत कुमार मिश्रा (नंदी नगर, देवघर), पंकज कुमार सिंह (कृष्ण पुरी, देवघर) और सोनू कुमार सिंह (दौलतपुर, जमुई, बिहार) को गिरफ्तार किया गया। वहीं, एक अन्य आरोपी प्रवेश (मुंगेर, बिहार) की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। बरामदगी में अजीत के घर से एक देशी पिस्तौल, जिस पर “मेड इन यूएसए 99, 7.65 एमएम” अंकित है, के साथ 7 जिंदा कारतूस और एक स्मार्टफोन मिला। पंकज के पास से एक देसी कट्टा और मोबाइल फोन तथा सोनू के पास से एक मोबाइल जब्त किया गया। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। इस कार्रवाई में एटीएस और स्थानीय पुलिस के कई अधिकारी व जवान शामिल थे। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। देवघर में आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) झारखंड और देवघर पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई में अवैध हथियार तस्करी से जुड़े एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह कार्रवाई देवघर नगर थाना कांड संख्या 170/26, दिनांक 24 अप्रैल 2026 के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई। मामले के वादी, एटीएस झारखंड, रांची के थाना प्रभारी अभिनंदन कुमार द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट 25(1-बी)/26/35 के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि देवघर निवासी अजीत कुमार पांडे अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अवैध हथियारों की तस्करी और आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वे पैसों के बदले हत्या जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम देने के लिए भी तैयार रहते थे। इससे यह संकेत मिलता है कि यह गिरोह केवल तस्करी ही नहीं, बल्कि संगठित अपराध से भी जुड़ा हुआ है। संयुक्त छापेमारी के दौरान अजीत कुमार पांडे उर्फ अजीत कुमार मिश्रा (नंदी नगर, देवघर), पंकज कुमार सिंह (कृष्ण पुरी, देवघर) और सोनू कुमार सिंह (दौलतपुर, जमुई, बिहार) को गिरफ्तार किया गया। वहीं, एक अन्य आरोपी प्रवेश (मुंगेर, बिहार) की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। बरामदगी में अजीत के घर से एक देशी पिस्तौल, जिस पर “मेड इन यूएसए 99, 7.65 एमएम” अंकित है, के साथ 7 जिंदा कारतूस और एक स्मार्टफोन मिला। पंकज के पास से एक देसी कट्टा और मोबाइल फोन तथा सोनू के पास से एक मोबाइल जब्त किया गया। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। इस कार्रवाई में एटीएस और स्थानीय पुलिस के कई अधिकारी व जवान शामिल थे। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।


