खरीद अवधि बढ़ी, इंतजार भी बरकरार: 61 हजार किसानों का गेहूं एमएसपी पर बिकना बाकी

खरीद अवधि बढ़ी, इंतजार भी बरकरार: 61 हजार किसानों का गेहूं एमएसपी पर बिकना बाकी

श्रीगंगानगर.गेहूं पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के साथ 150 रुपए प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा ने किसानों को बेहतर दाम की उम्मीद दी थी, लेकिन खरीद सीजन के अंतिम चरण में भी बड़ी संख्या में किसान सरकारी खरीद का इंतजार कर रहे हैं। राज्य सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए गेहूं खरीद की अवधि 31 मई से बढ़ाकर 6 जून तक कर दी है, वहीं भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के खरीद लक्ष्य में भी 5 हजार मीट्रिक टन की वृद्धि की गई है। इसके बावजूद श्रीगंगानगर मंडल में ऑनलाइन पंजीयन करवाने वाले 61 हजार 762 किसानों का गेहूं अब तक एमएसपी पर नहीं खरीदा जा सका है।
श्रीगंगानगर मंडल में इस वर्ष 1 लाख 75 हजार 662 किसानों ने सरकारी खरीद के लिए पंजीयन कराया था। इसके मुकाबले अब तक केवल 1 लाख 13 हजार 900 किसानों से ही एमएसपी पर गेहूं खरीदा गया है। यानी करीब 35 प्रतिशत पंजीकृत किसानों की उपज की खरीद अभी शेष है।इस बार श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में करीब 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन का अनुमान है। सरकार ने एमएसपी 2585 रुपए प्रति क्विंटल के साथ 150 रुपए बोनस जोडक़र 2735 रुपए प्रति क्विंटल का भाव घोषित किया था। किसानों का कहना है कि रिकॉर्ड उत्पादन की संभावना के बावजूद खरीद लक्ष्य उसी अनुपात में नहीं बढ़ाया गया। सीमित लक्ष्य, बारदाने की उपलब्धता और धीमी खरीद प्रक्रिया के कारण बड़ी मात्रा में गेहूं खरीद केंद्रों तक नहीं पहुंच सका।हालांकि सरकार ने खरीद अवधि बढ़ाने और लक्ष्य में आंशिक वृद्धि का निर्णय लिया है, लेकिन किसान संगठनों का कहना है कि यह बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है। उनका तर्क है कि यदि शेष गेहूं की समय पर खरीद नहीं हुई तो किसानों को खुले बाजार में कम भाव पर उपज बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

खरीद लक्ष्य भी उसी अनुरूप तय किया जाना चाहिए

रोटांवाली के किसान गुरलाल सिंह बराड़ कहना है कि यदि रिकॉर्ड उत्पादन की संभावना पहले से थी तो खरीद लक्ष्य भी उसी अनुरूप तय किया जाना चाहिए था। कांग्रेस की प्रदेश सचिव रामदेवी बावरी का आरोप है कि बोनस की घोषणा से किसानों को आकर्षित तो किया गया, लेकिन पूरी उपज खरीदने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई।पिछले वर्ष एफसीआई ने श्रीगंगानगर मंडल में 13 लाख 63 हजार 536 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की थी जबकि इस बार इतनी ही नहीं हो पाई। जबकि वर्ष 2021-22 में 14 लाख 28 हजार 002 मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड खरीद की गई थी।

गेहूं खरीद का गणित

  • श्रीगंगानगर मंडल
  • पंजीकृत किसान : 1,75,662
  • जिन किसानों से खरीद हुई : 1,13,900
  • खरीद से वंचित किसान : 61,762
  • लक्ष्य : 13.60 लाख मीट्रिक टन
  • खरीद : 13,02,564.826 मीट्रिक टन
  • श्रीगंगानगर जिला
  • लक्ष्य : 5,63,998 मीट्रिक टन
  • खरीद : 5,44,452.901 मीट्रिक टन

वर्जन

ऑनलाइन पंजीकरण करवाने वाले 30 से 35 प्रतिशत किसानों का गेहूं एमएसपी पर नहीं बिका। यदि सरकार पूरी खरीद नहीं कर सकती थी तो बोनस की घोषणा का क्या लाभ? खरीद अवधि बढ़ाने के साथ खरीद लक्ष्य भी बढ़ाया जाना चाहिए था।

-संतवीर सिंह, प्रदेश महासचिव, जीकेएस, श्रीगंगानगर

उठाव का कार्य लगातार जारी

श्रीगंगानगर जिले में लगभग 95 प्रतिशत गेहूं की खरीद हो चुकी है। शेष किसानों की सुविधा के लिए खरीद अवधि 6 जून तक बढ़ाई गई है और उठाव का कार्य लगातार जारी है।

-महीपाल माली, संयुक्त निदेशक, कृषि विपणन विभाग, श्रीगंगानगर

खरीद अवधि 6 जून तक बढ़ाई

श्रीगंगानगर मंडल में अब तक 13.02 लाख मीट्रिक टन गेहूं की एमएसपी पर खरीद की जा चुकी है। इसमें 1.13 लाख से अधिक किसानों से गेहूं खरीदा गया है। किसानों की सुविधा को देखते हुए खरीद अवधि 6 जून तक बढ़ाई गई है तथा एफसीआई के खरीद लक्ष्य में भी 5 हजार मीट्रिक टन की वृद्धि की गई है।

-रजनीश कुमार, मंडल प्रबंधक, भारतीय खाद्य निगम, श्रीगंगानगर

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