गोपालगंज जिले के चुनावे मंडल कारा में बंद एक बंदी की तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। डॉक्टरों ने सदर अस्पताल पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान बरौली थाना क्षेत्र के बलहा विशुनपुरा गांव निवासी 55 वर्षीय इरशाद आलम के रूप में हुई है, जो डबल पासपोर्ट बनवाने के आरोप में जेल में बंद था। जानकारी के अनुसार, इरशाद आलम 4 जून से मंडल कारा में बंद था। बुधवार की अहले सुबह उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। जेल में तैनात डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। ब्लड प्रेशर की बीमारी थी मृतक के परिजनों ने बताया कि इरशाद आलम को डबल पासपोर्ट बनवाने के आरोप में 2 जून को बरौली पुलिस ने थाने बुलाया था और 4 जून को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। परिजनों का दावा है कि नया पासपोर्ट जमा कर दिया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि इरशाद आलम को ब्लड प्रेशर (बीपी) की बीमारी थी। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में मातम छा गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है। गोपालगंज जिले के चुनावे मंडल कारा में बंद एक बंदी की तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। डॉक्टरों ने सदर अस्पताल पहुंचने पर उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान बरौली थाना क्षेत्र के बलहा विशुनपुरा गांव निवासी 55 वर्षीय इरशाद आलम के रूप में हुई है, जो डबल पासपोर्ट बनवाने के आरोप में जेल में बंद था। जानकारी के अनुसार, इरशाद आलम 4 जून से मंडल कारा में बंद था। बुधवार की अहले सुबह उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। जेल में तैनात डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। ब्लड प्रेशर की बीमारी थी मृतक के परिजनों ने बताया कि इरशाद आलम को डबल पासपोर्ट बनवाने के आरोप में 2 जून को बरौली पुलिस ने थाने बुलाया था और 4 जून को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। परिजनों का दावा है कि नया पासपोर्ट जमा कर दिया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि इरशाद आलम को ब्लड प्रेशर (बीपी) की बीमारी थी। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में मातम छा गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।


