व्यवहार न्यायालय, अररिया के प्रांगण में 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अररिया की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में जिले के सभी प्रखंड पंचायतराज पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक मामलों का निपटारा करना और राष्ट्रीय लोक अदालत को जनसुलभ तथा प्रभावी बनाना था। सचिव ने सभी प्रखंड अधिकारियों को ग्राम कचहरी से संबंधित लंबित वादों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर उनके निपटारे के लिए तत्काल कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। आवश्यक दस्तावेजों को तैयार रखने पर बल दिया गया
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोक अदालत लोकतंत्र की नींव है, जहाँ विवादों का सुलझाव सहमति के आधार पर शीघ्रता से होता है। यह आम जनता तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करती है। बैठक में एक विस्तृत रणनीति तैयार की गई, जिसमें ग्राम स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने, पक्षकारों को सूचित करने, पूर्व बैठकें आयोजित करने और आवश्यक दस्तावेजों को तैयार रखने पर बल दिया गया। प्रखंड पंचायतराज पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ग्राम कचहरी के माध्यम से लंबित मामलों की सूची तैयार करें और उन पक्षकारों को आपसी सहमति से विवाद सुलझाने के लिए प्रोत्साहित करें। अन्य प्रकरणों को भी लोक अदालत में शामिल किया जाएगा
सचिव ने सभी अधिकारियों से पूर्ण समन्वय बनाए रखने और लक्ष्य पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने की अपील की। बैठक में यह भी तय किया गया कि विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर बैंक ऋण, विद्युत बिल, बीमा, चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद और भूमि संबंधी छोटे-मोटी मामलों सहित अन्य प्रकरणों को भी लोक अदालत में शामिल किया जाएगा। लोक अदालत की सफलता की उम्मीद बढ़ गई
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के इस सक्रिय प्रयास से अररिया जिले में लोक अदालत की सफलता की उम्मीद बढ़ गई है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे 9 मई को व्यवहार न्यायालय परिसर पहुंचकर अपने लंबित मामलों का निपटारा कराएं। यह बैठक न्याय व्यवस्था को और अधिक तेज, सुलभ एवं जन भागीदारी बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत जिले का नया रिकॉर्ड स्थापित करे। व्यवहार न्यायालय, अररिया के प्रांगण में 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अररिया की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में जिले के सभी प्रखंड पंचायतराज पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक मामलों का निपटारा करना और राष्ट्रीय लोक अदालत को जनसुलभ तथा प्रभावी बनाना था। सचिव ने सभी प्रखंड अधिकारियों को ग्राम कचहरी से संबंधित लंबित वादों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर उनके निपटारे के लिए तत्काल कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। आवश्यक दस्तावेजों को तैयार रखने पर बल दिया गया
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोक अदालत लोकतंत्र की नींव है, जहाँ विवादों का सुलझाव सहमति के आधार पर शीघ्रता से होता है। यह आम जनता तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करती है। बैठक में एक विस्तृत रणनीति तैयार की गई, जिसमें ग्राम स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने, पक्षकारों को सूचित करने, पूर्व बैठकें आयोजित करने और आवश्यक दस्तावेजों को तैयार रखने पर बल दिया गया। प्रखंड पंचायतराज पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में ग्राम कचहरी के माध्यम से लंबित मामलों की सूची तैयार करें और उन पक्षकारों को आपसी सहमति से विवाद सुलझाने के लिए प्रोत्साहित करें। अन्य प्रकरणों को भी लोक अदालत में शामिल किया जाएगा
सचिव ने सभी अधिकारियों से पूर्ण समन्वय बनाए रखने और लक्ष्य पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करने की अपील की। बैठक में यह भी तय किया गया कि विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर बैंक ऋण, विद्युत बिल, बीमा, चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद और भूमि संबंधी छोटे-मोटी मामलों सहित अन्य प्रकरणों को भी लोक अदालत में शामिल किया जाएगा। लोक अदालत की सफलता की उम्मीद बढ़ गई
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के इस सक्रिय प्रयास से अररिया जिले में लोक अदालत की सफलता की उम्मीद बढ़ गई है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे 9 मई को व्यवहार न्यायालय परिसर पहुंचकर अपने लंबित मामलों का निपटारा कराएं। यह बैठक न्याय व्यवस्था को और अधिक तेज, सुलभ एवं जन भागीदारी बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत जिले का नया रिकॉर्ड स्थापित करे।


