वृंदावन के मंदिरों में अक्षय तृतीया की तैयारी शुरू:भगवान को अर्पित किए जाने वाले चंदन का तैयार हो रहा लेप,सर्वांग दर्शन देंगे भगवान राधा दामोदर लाल

वृंदावन के मंदिरों में अक्षय तृतीया की तैयारी शुरू:भगवान को अर्पित किए जाने वाले चंदन का तैयार हो रहा लेप,सर्वांग दर्शन देंगे भगवान राधा दामोदर लाल

अक्षय तृतीया पर्व पर ब्रज के मंदिरों में भगवान का चंदन से श्रृंगार किया जाता है। इस दौरान भगवान के सर्वांग पर चंदन का लेप लगाया जाता है। अक्षय तृतीया पर्व पर भगवान भक्तों को वर्ष में एक बार सर्वांग दर्शन देते हैं। भगवान को अर्पित किए जाने वाले चंदन की ब्रज के मंदिरों में घिसाई शुरू हो गई है। यहां प्रतिदिन 4 से 5 घंटे तक मंदिरों के सेवायत चंदन की घिसाई कर रहे हैं। राधा दामोदर मंदिर में तैयार हो रहा चंदन लेप वृंदावन के प्रमुख सप्त देवालयों में से एक ठाकुर राधा दामोदर मंदिर में अक्षय तृतीया पर्व को लेकर तैयारियां जोर शोर पर चल रही है। भगवान श्री कृष्ण की नगरी श्री धाम वृंदावन में अक्षय तृतीया पर्व पर ठाकुर जी को चंदन का लेप लगाकर गर्मी से राहत प्रदान की जाती है। जिसमें ठाकुर जी चंदन श्रृंगार कर अपने भक्तों को सर्वांग दर्शन देते हैं। इसी के लिए राधा दामोदर मंदिर के सेवायतों के द्वारा चंदन घिसाई सेवा का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। जिसमें दक्षिण भारत से आए हुए चंदन को नित्य प्रतिदिन मंदिर घिसकर लेप तैयार कर रहे है। 500 वर्ष पुरानी है चंदन श्रृंगार की परंपरा मंदिर के सेवायत आचार्य कृष्ण बलराम गोस्वामी ने बताया कि चंदन श्रृंगार की यह परंपरा करीब 500 वर्ष पुरानी है। 500 वर्ष पहले गौड़िया संप्रदाय के माधवेंद्र पुरी पाद महाराज गोवर्धन के जतीपुरा में रहकर श्रीनाथजी की सेवा पूजा करते थे। उनको श्रीनाथजी ने स्वप्न देकर कहा कि पेट की गर्मी तो मेरी छप्पन भोग के सेवन से समाप्त हो जाती है, लेकिन शरीर का ताप मैं किस तरीके से कम करूं। तुम दक्षिण भारत में स्थित मलयागिरी जाकर मेरे लिए चंदन लेकर आओ और मेरा चंदन से श्रृंगार करो। उड़ीसा में 21 दिन मनाई जाती है चंदन यात्रा सेवायत कृष्ण बलराम गोस्वामी ने बताया रास्ते में उड़ीसा में स्थित ठाकुर खीरचौरा गोपीनाथ के दर्शन करने बाद वह चंदन लेकर लौट रहे थे, तो उनसे ठाकुर खीरचौरा गोपीनाथ ने कहा कि तुम मेरा चंदन से श्रृंगार करो ठाकुर श्रीनाथ जी स्वयं प्रसन्न हो जाएंगे। इसके बाद माधवेंद्रपुरी महाराज ने उनका श्रृंगार किया। तभी से परम्परा चली आ रही है। इसी कारण से उड़ीसा में चंदन यात्रा 21 दिनों तक मनाई जाती है। भक्तों में वितरित किया जाएगा चंदन प्रसाद मंदिर के सेवायत आचार्य पूर्ण चंद्र गोस्वामी महाराज ने बताया कि हर वर्ष के भांति इस वर्ष भी साउथ से उच्च कोटि का चंदन मंगवाया गया है। जिसको नित्य प्रतिदिन घिसकर लेप तैयार कर रहे हैं। इस लेप में नाना प्रकार की जड़ी बूटियों का मिश्रण कर अक्षय तृतीया के पावन मौके पर भगवान का चंदन श्रृंगार दर्शन किया जाएगा। जिसमें ठाकुर जी अपने भक्तों को सर्वांग दर्शन देंगे। उस दिन ठाकुर जी को कोई भी वस्त्र धारण नहीं कराए जाते हैं। अक्षय तृतीया को भगवान को चंदन के द्वारा सुसज्जित किया जाता है। सेवायत करुण गोस्वामी ने बताया कि भगवान के सर्वांग दर्शन करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। ठाकुर जी के दर्शन करने के लिए दूर दराज से हजारों श्रद्धालु मंदिर दर्शन करने आते हैं। वहीं उन्होंने बताया कि ठाकुर जी के द्वारा धारण किए गए चंदन को प्रसादी कर भक्तों में वितरित भी किया जाता है। बांके बिहारी के चरणों में रखा जाएगा सवा किलो चंदन का लड्डू अक्षय तृतीया पर्व पर बांके बिहारी मंदिर में विशेष आयोजन किया जाता है। यहां भगवान बांके बिहारी वर्ष में एक बार चरण दर्शन देते हैं। इस दौरान उनके चरणों में सवा किलो चंदन का लड्डू रखा जाता है। कहा जाता है कि भगवान को गर्मी से राहत देने के लिए मंदिर के सेवायत अपने भाव अर्पित करने के लिए यह सभी यत्न करते हैं। इस दिन भगवान को विशेष सत्तू ,खरबूजा,शर्बत आदि का भोग लगाया जाता है।

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