बिहार पंचायत चुनाव 2026 की तैयारी शुरू:27 अप्रैल को जारी होगा प्रपत्र-1, जनता दे सकेगी आपत्ति

बिहार पंचायत चुनाव 2026 की तैयारी शुरू:27 अप्रैल को जारी होगा प्रपत्र-1, जनता दे सकेगी आपत्ति

बिहार में पंचायत आम निर्वाचन 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में जिला पदाधिकारियों को विशेष आदेश जारी कर दिशा-निर्देश दिए हैं। इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और समय की बचत होगी। सूचना जनसंपर्क कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार ने वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए “प्रपत्र-1” का पुनः प्रकाशन करने का निर्णय लिया है। जिला पदाधिकारी के आदेशानुसार, विभिन्न पंचायत स्तरीय पदों के लिए आंकड़ों का संकलन और प्रकाशन किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में वर्ष 2015 के बाद कोई परिवर्तन नहीं हुआ है, वहां पहले प्रकाशित आंकड़ों का ही उपयोग किया जाएगा। हालांकि, जिन पंचायतों या वार्डों में सीमा, जनसंख्या या अन्य बदलाव हुए हैं, वहां नए सिरे से डेटा एकत्र कर प्रपत्र तैयार किया जाएगा। “प्रपत्र-1” का प्रारूप 27 अप्रैल 2026 को आधिकारिक रूप से प्रकाशित किया जाएगा। आम जनता को इस पर आपत्ति या सुझाव देने का अवसर मिलेगा। आपत्तियां और सुझाव 27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक संबंधित प्राधिकृत पदाधिकारी के कार्यालय में जमा किए जा सकेंगे। प्राप्त सभी आपत्तियों का निपटारा 14 मई 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति आपत्ति के निपटारे से असंतुष्ट रहता है, तो अपील 18 मई से 22 मई 2026 के बीच निपटाई जाएगी। “प्रपत्र-1” का अंतिम प्रकाशन 25 मई 2026 को होगा और इसे 29 मई 2026 को जिला गजट में आधिकारिक तौर पर प्रकाशित कर दिया जाएगा। इस पूरी डिजिटल प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया बिना किसी विवाद के सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। बिहार में पंचायत आम निर्वाचन 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में जिला पदाधिकारियों को विशेष आदेश जारी कर दिशा-निर्देश दिए हैं। इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संपन्न होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और समय की बचत होगी। सूचना जनसंपर्क कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार ने वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए “प्रपत्र-1” का पुनः प्रकाशन करने का निर्णय लिया है। जिला पदाधिकारी के आदेशानुसार, विभिन्न पंचायत स्तरीय पदों के लिए आंकड़ों का संकलन और प्रकाशन किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में वर्ष 2015 के बाद कोई परिवर्तन नहीं हुआ है, वहां पहले प्रकाशित आंकड़ों का ही उपयोग किया जाएगा। हालांकि, जिन पंचायतों या वार्डों में सीमा, जनसंख्या या अन्य बदलाव हुए हैं, वहां नए सिरे से डेटा एकत्र कर प्रपत्र तैयार किया जाएगा। “प्रपत्र-1” का प्रारूप 27 अप्रैल 2026 को आधिकारिक रूप से प्रकाशित किया जाएगा। आम जनता को इस पर आपत्ति या सुझाव देने का अवसर मिलेगा। आपत्तियां और सुझाव 27 अप्रैल से 11 मई 2026 तक संबंधित प्राधिकृत पदाधिकारी के कार्यालय में जमा किए जा सकेंगे। प्राप्त सभी आपत्तियों का निपटारा 14 मई 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति आपत्ति के निपटारे से असंतुष्ट रहता है, तो अपील 18 मई से 22 मई 2026 के बीच निपटाई जाएगी। “प्रपत्र-1” का अंतिम प्रकाशन 25 मई 2026 को होगा और इसे 29 मई 2026 को जिला गजट में आधिकारिक तौर पर प्रकाशित कर दिया जाएगा। इस पूरी डिजिटल प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया बिना किसी विवाद के सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।  

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