बेगूसराय में इलाज के दौरान ग्रामीण महिला चिकित्सक (झोलाछाप नर्स) की लापरवाही से एक गर्भवती महिला की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतका बलिया थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव के रहने वाले मनेलाल महतो की पत्नी गुंजन देवी (28) है। देर रात घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मृतिका के घर पर पहुंची और आज लाश का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया गया है। इधर घटना के बाद ग्रामीण महिला चिकित्सक फरार हो गई है। घटना के संबंध में मृतक के देवर विनय कुमार एवं भाई मुकेश कुमार ने बताया कि भाभी गुंजन को पहले से दो बच्चे थे। 3 महीने की प्रेग्नेंट थी महिला, ब्लिडिंग के बाद कराया था एडमिट मृतका गुंजन 3 महीने की गर्भवती थी, चार दिन पहले को किसी कारण से अचानक उसे काफी ब्लडिंग होने लगा। हालत बिगड़ने पर हम लोगों उसे लेकर बलिया बाजार डॉक्टर के पास आ रहे थे। इसी दौरान मिर्जापुर चौक पर एक रूम में लोगों का इलाज करने वाली ग्रामीण चिकित्सक संगीता देवी ने रोका। उसने कहा कि हमें इसे ठीक करने की गारंटी लेते हैं। उसने पांच हजार रुपया मांगा, उसे चार हजार रुपया दिए और इलाज शुरू किया गया। तीन-चार दिन तक वह इलाज करते रही। लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ तो सोमवार को उसे लेकर बलिया चले तो उसने फिर रोक लिया। उसने इलाज करना शुरू किया, लेकिन हालत बिगड़ते गई। सोमवार देर रात करीब 12:00 बजे तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ। तब उसने बेगूसराय ले जाने के लिए कहा। उसी ने सुभाष चौक के समीप स्थित डॉ. राजीव कुमार राय के मायरा हॉस्पिटल में भेज दिया। यहां वेंटीलेटर पर रखा गया। खून चढ़ाने के लिए 30 हजार रुपए लिए, लेकिन ब्लड नहीं चढ़ाया खून की कमी बात कर रात में खून चढ़ाने के लिए 30 हजार रुपया लिया गया। लेकिन खून नहीं चढ़ाया, फिर सुबह में 10 हजार और मांगा तो हमने वह रुपया दिया, उसके बाद खून चढ़ाया गया। मायरा हॉस्पिटल में कुल मिलाकर करीब एक लाख रुपया लिया गया। पेशेंट से मिलने भी नहीं दिया जा रहा था। इसके बाद मंगलवार को करीब 2:00 बजे बताया गया कि गुंजन देवी की मौत हो गई। तब हम लोग लाश लेकर गांव चले गए। वहां ग्रामीण चिकित्सक संगीता देवी की खोजबीन किया गया तो हम फरार हो गई थी। इसके बाद रात में पुलिस पहुंची और लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। दोषी पर कार्रवाई होनी चाहिए। बेगूसराय में इलाज के दौरान ग्रामीण महिला चिकित्सक (झोलाछाप नर्स) की लापरवाही से एक गर्भवती महिला की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतका बलिया थाना क्षेत्र के किशनपुर गांव के रहने वाले मनेलाल महतो की पत्नी गुंजन देवी (28) है। देर रात घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मृतिका के घर पर पहुंची और आज लाश का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में कराया गया है। इधर घटना के बाद ग्रामीण महिला चिकित्सक फरार हो गई है। घटना के संबंध में मृतक के देवर विनय कुमार एवं भाई मुकेश कुमार ने बताया कि भाभी गुंजन को पहले से दो बच्चे थे। 3 महीने की प्रेग्नेंट थी महिला, ब्लिडिंग के बाद कराया था एडमिट मृतका गुंजन 3 महीने की गर्भवती थी, चार दिन पहले को किसी कारण से अचानक उसे काफी ब्लडिंग होने लगा। हालत बिगड़ने पर हम लोगों उसे लेकर बलिया बाजार डॉक्टर के पास आ रहे थे। इसी दौरान मिर्जापुर चौक पर एक रूम में लोगों का इलाज करने वाली ग्रामीण चिकित्सक संगीता देवी ने रोका। उसने कहा कि हमें इसे ठीक करने की गारंटी लेते हैं। उसने पांच हजार रुपया मांगा, उसे चार हजार रुपया दिए और इलाज शुरू किया गया। तीन-चार दिन तक वह इलाज करते रही। लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ तो सोमवार को उसे लेकर बलिया चले तो उसने फिर रोक लिया। उसने इलाज करना शुरू किया, लेकिन हालत बिगड़ते गई। सोमवार देर रात करीब 12:00 बजे तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ। तब उसने बेगूसराय ले जाने के लिए कहा। उसी ने सुभाष चौक के समीप स्थित डॉ. राजीव कुमार राय के मायरा हॉस्पिटल में भेज दिया। यहां वेंटीलेटर पर रखा गया। खून चढ़ाने के लिए 30 हजार रुपए लिए, लेकिन ब्लड नहीं चढ़ाया खून की कमी बात कर रात में खून चढ़ाने के लिए 30 हजार रुपया लिया गया। लेकिन खून नहीं चढ़ाया, फिर सुबह में 10 हजार और मांगा तो हमने वह रुपया दिया, उसके बाद खून चढ़ाया गया। मायरा हॉस्पिटल में कुल मिलाकर करीब एक लाख रुपया लिया गया। पेशेंट से मिलने भी नहीं दिया जा रहा था। इसके बाद मंगलवार को करीब 2:00 बजे बताया गया कि गुंजन देवी की मौत हो गई। तब हम लोग लाश लेकर गांव चले गए। वहां ग्रामीण चिकित्सक संगीता देवी की खोजबीन किया गया तो हम फरार हो गई थी। इसके बाद रात में पुलिस पहुंची और लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। दोषी पर कार्रवाई होनी चाहिए।


