जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने शिवहर में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा। हरे गमछे को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि सम्राट चौधरी ने जीवनभर अवसरवादी राजनीति की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी राजनीति का एकमात्र उद्देश्य सत्ता हासिल करना रहा है। प्रशांत किशोर ने कहा कि जो लोग आज हरे गमछे पर सवाल उठा रहे हैं, वे कभी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का गमछा पहनकर राजनीति करते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता बदलते ही इन नेताओं का रंग और विचार भी बदल गया। किशोर ने सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी के एक पुराने बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि शकुनी चौधरी ने मुंगेर की एक सभा में कहा था, “हम लोग मोदी जी को इसी मैदान में गाड़ देंगे।” हरे गमछे से सत्ता मिलेगा तो भगवा को ठहराएंगे गलत प्रशांत किशोर ने इस बयान को सम्राट चौधरी के परिवार की राजनीतिक सोच का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि आज वहीं लोग सत्ता और कुर्सी के लिए भगवा गमछा ओढ़कर खुद को राष्ट्रवादी और भाजपा का समर्थक बता रहे हैं। किशोर ने तंज कसते हुए कहा कि यदि कल हरे गमछे से सत्ता मिलने लगे, तो यही नेता भगवा गमछे को भी गलत ठहराने लगेंगे। प्रशांत किशोर के अनुसार, सम्राट चौधरी के लिए कोई सिद्धांत, विचारधारा या राजनीतिक प्रतिबद्धता मायने नहीं रखती। उनके लिए केवल सत्ता सबसे बड़ी प्राथमिकता है। समय और कुर्सी के हिसाब से बदलते है रंग किशोर ने आरोप लगाया कि बिहार की जनता अब ऐसे नेताओं की राजनीति को समझ चुकी है, जो समय और कुर्सी के हिसाब से अपना रंग बदलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब दिखावे और प्रतीकों की राजनीति से आगे बढ़ चुकी है। आने वाले समय में बिहार में मुद्दों, शिक्षा, रोजगार और विकास की राजनीति को प्राथमिकता मिलेगी। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बिहार की जनता अब उन नेताओं को जवाब देने के लिए तैयार है, जो केवल सत्ता के लिए अपनी विचारधारा बदलते रहते हैं। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने शिवहर में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा। हरे गमछे को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि सम्राट चौधरी ने जीवनभर अवसरवादी राजनीति की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी राजनीति का एकमात्र उद्देश्य सत्ता हासिल करना रहा है। प्रशांत किशोर ने कहा कि जो लोग आज हरे गमछे पर सवाल उठा रहे हैं, वे कभी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का गमछा पहनकर राजनीति करते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता बदलते ही इन नेताओं का रंग और विचार भी बदल गया। किशोर ने सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी के एक पुराने बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि शकुनी चौधरी ने मुंगेर की एक सभा में कहा था, “हम लोग मोदी जी को इसी मैदान में गाड़ देंगे।” हरे गमछे से सत्ता मिलेगा तो भगवा को ठहराएंगे गलत प्रशांत किशोर ने इस बयान को सम्राट चौधरी के परिवार की राजनीतिक सोच का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि आज वहीं लोग सत्ता और कुर्सी के लिए भगवा गमछा ओढ़कर खुद को राष्ट्रवादी और भाजपा का समर्थक बता रहे हैं। किशोर ने तंज कसते हुए कहा कि यदि कल हरे गमछे से सत्ता मिलने लगे, तो यही नेता भगवा गमछे को भी गलत ठहराने लगेंगे। प्रशांत किशोर के अनुसार, सम्राट चौधरी के लिए कोई सिद्धांत, विचारधारा या राजनीतिक प्रतिबद्धता मायने नहीं रखती। उनके लिए केवल सत्ता सबसे बड़ी प्राथमिकता है। समय और कुर्सी के हिसाब से बदलते है रंग किशोर ने आरोप लगाया कि बिहार की जनता अब ऐसे नेताओं की राजनीति को समझ चुकी है, जो समय और कुर्सी के हिसाब से अपना रंग बदलते रहते हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब दिखावे और प्रतीकों की राजनीति से आगे बढ़ चुकी है। आने वाले समय में बिहार में मुद्दों, शिक्षा, रोजगार और विकास की राजनीति को प्राथमिकता मिलेगी। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बिहार की जनता अब उन नेताओं को जवाब देने के लिए तैयार है, जो केवल सत्ता के लिए अपनी विचारधारा बदलते रहते हैं।


