संभल में आयोजित एक कार्यक्रम में जगद्गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद टीएमसी नेताओं, विशेषकर अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी, पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह उस ज्वालामुखी का नतीजा है जो धधक रहा था। आचार्य कृष्णम् संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला दुर्गा कॉलोनी में रविवार देर रात आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि उन्हें यह तो मालूम था कि पश्चिम बंगाल की जनता टीएमसी नेताओं का ‘सम्मान’ करेगी, लेकिन इतनी जल्दी उनकी ‘इज्जत अफजाई’ शुरू हो जाएगी, यह नहीं पता था। उन्होंने अभिषेक बनर्जी के ‘सम्मान समारोह’ का जिक्र करते हुए कहा कि इससे दिल्ली में बैठे कुछ देशद्रोही नेता भी डरे हुए हैं। आचार्य कृष्णम् के अनुसार, वे सभी नेता जो हिंदू और सनातन को मिटाना चाहते थे तथा भारत विरोधी बातें करते थे, वे पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों और उसके बाद चल रहे इस ‘सम्मान समारोह’ से बहुत भयभीत हैं। आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने आगे कहा कि यह हिंदुओं पर किए गए अत्याचारों का परिणाम है। उन्होंने चेतावनी दी, “कांटे बोए बबूल के, तो आम कहां से खाए?” उनके अनुसार, टीएमसी का ‘जन-गण-मन’ हो गया है और उन्हें लगता है कि उनका ‘समापन समारोह’ भी जल्द ही आयोजित हो जाएगा। ममता बनर्जी और राहुल गांधी के संदर्भ में आचार्य ने टिप्पणी की कि कोई किसी के खिलाफ नहीं था और न ही कोई किसी के साथ था। उन्होंने इसे केवल सत्ता के सिंहासन को पाने की तिकड़म बताया।


