किशनगंज में 14 मई को आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा संभावित ब्लैकआउट और मॉक ड्रिल की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यह विशेष अभ्यास जिले में आपदा से निपटने की क्षमता को मजबूत करने और आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को सतर्क व जागरूक करने के उद्देश्य से किया जाएगा। बिजली आपूर्ति और संचार व्यवस्था पर चर्चा जिला पदाधिकारी विशाल राज ने बताया कि 14 मई को संभावित ब्लैकआउट के साथ मॉक ड्रिल का आयोजन होगा। इसके लिए विभिन्न विभागों की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा जाएगा। बिजली आपूर्ति, संचार व्यवस्था और राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस, स्वास्थ्य और अग्निशमन दल का आकलन डीएम ने स्पष्ट किया कि मॉक ड्रिल के दौरान आपदा जैसी परिस्थितियों का कृत्रिम माहौल बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन दल और अन्य एजेंसियों की तैयारियों का आकलन करना है। इसके साथ ही, आम लोगों को भी सुरक्षा उपायों और सतर्कता के बारे में जागरूक किया जाएगा। बिजली आपूर्ति बाधित, बजाए जाएंगे सायरन प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, ब्लैकआउट अभ्यास के दौरान कुछ समय के लिए निर्धारित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित की जा सकती है। इस दौरान सायरन बजाए जाएंगे, अलर्ट संदेश प्रसारित होंगे और राहत-बचाव से जुड़ी गतिविधियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें। अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया केवल सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है। इस अभ्यास को लेकर जिले के विभिन्न विभागों के बीच लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। सभी आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। किशनगंज में 14 मई को आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा संभावित ब्लैकआउट और मॉक ड्रिल की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यह विशेष अभ्यास जिले में आपदा से निपटने की क्षमता को मजबूत करने और आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को सतर्क व जागरूक करने के उद्देश्य से किया जाएगा। बिजली आपूर्ति और संचार व्यवस्था पर चर्चा जिला पदाधिकारी विशाल राज ने बताया कि 14 मई को संभावित ब्लैकआउट के साथ मॉक ड्रिल का आयोजन होगा। इसके लिए विभिन्न विभागों की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा जाएगा। बिजली आपूर्ति, संचार व्यवस्था और राहत एवं बचाव कार्यों से संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस, स्वास्थ्य और अग्निशमन दल का आकलन डीएम ने स्पष्ट किया कि मॉक ड्रिल के दौरान आपदा जैसी परिस्थितियों का कृत्रिम माहौल बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन दल और अन्य एजेंसियों की तैयारियों का आकलन करना है। इसके साथ ही, आम लोगों को भी सुरक्षा उपायों और सतर्कता के बारे में जागरूक किया जाएगा। बिजली आपूर्ति बाधित, बजाए जाएंगे सायरन प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, ब्लैकआउट अभ्यास के दौरान कुछ समय के लिए निर्धारित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित की जा सकती है। इस दौरान सायरन बजाए जाएंगे, अलर्ट संदेश प्रसारित होंगे और राहत-बचाव से जुड़ी गतिविधियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट को लेकर किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें। अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया केवल सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है। इस अभ्यास को लेकर जिले के विभिन्न विभागों के बीच लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। सभी आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।


