जहानाबाद पुलिस ने मंगलवार देर रात अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान के नेतृत्व में पूरे जिले के सभी थाना क्षेत्रों में ‘स्पेशल होटल चेकिंग अभियान’ संचालित किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य होटलों, लॉज और ढाबों में ठहरे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करना और संभावित आपराधिक गतिविधियों को समय रहते रोकना था। मध्य रात्रि में चले इस अभियान के दौरान स्वयं एसपी, एएसपी और एसडीपीओ घोसी सड़कों पर उतरकर स्थिति का जायजा लेते दिखे। पुलिस टीमों ने जिले के विभिन्न इलाकों में स्थित होटल, लॉज और ढाबों में सघन जांच की। इस दौरान कमरों की तलाशी ली गई और वहां ठहरे लोगों के पहचान पत्रों (आईडी प्रूफ) की गहनता से जांच की गई। साथ ही, होटलों के एंट्री रजिस्टर का भी सत्यापन किया गया। अभियान के तहत कई होटल संचालकों से पूछताछ की गई और उन्हें सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को कमरा न दिया जाए। होटल और ढाबा संचालकों को यह भी चेतावनी दी गई कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को दी जाए। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान के बाद जिले में पुलिस की सक्रियता और सतर्कता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस प्रशासन ने बताया कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे। जहानाबाद पुलिस ने मंगलवार देर रात अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान के नेतृत्व में पूरे जिले के सभी थाना क्षेत्रों में ‘स्पेशल होटल चेकिंग अभियान’ संचालित किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य होटलों, लॉज और ढाबों में ठहरे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करना और संभावित आपराधिक गतिविधियों को समय रहते रोकना था। मध्य रात्रि में चले इस अभियान के दौरान स्वयं एसपी, एएसपी और एसडीपीओ घोसी सड़कों पर उतरकर स्थिति का जायजा लेते दिखे। पुलिस टीमों ने जिले के विभिन्न इलाकों में स्थित होटल, लॉज और ढाबों में सघन जांच की। इस दौरान कमरों की तलाशी ली गई और वहां ठहरे लोगों के पहचान पत्रों (आईडी प्रूफ) की गहनता से जांच की गई। साथ ही, होटलों के एंट्री रजिस्टर का भी सत्यापन किया गया। अभियान के तहत कई होटल संचालकों से पूछताछ की गई और उन्हें सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी व्यक्ति को कमरा न दिया जाए। होटल और ढाबा संचालकों को यह भी चेतावनी दी गई कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को दी जाए। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान के बाद जिले में पुलिस की सक्रियता और सतर्कता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस प्रशासन ने बताया कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।


