Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं। अब इस बहुचर्चित केस में जेल प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गया है। भोपाल केंद्रीय जेल में बंद रिटायर्ड जिला और सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को कथित तौर पर विशेष सुविधाएं दिए जाने के आरोपों के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। मामले की जांच के बाद जेल की डिप्टी जेलर को उनके पद से हटा दिया गया है।
वीआईपी ट्रीटमेंट की खबरों से मचा बवाल
दरअसल, अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह न्यायिक हिरासत में हैं। इसी दौरान आरोप सामने आए कि जेल में दोनों को सामान्य कैदियों की तुलना में अतिरिक्त सुविधाएं मिल रही थीं। शिकायतों के बाद जेल मुख्यालय ने पूरे मामले की जांच कराई।
जांच के लिए पहुंचे वरिष्ठ अधिकारियों ने जेल में मौजूद सुरक्षा कर्मियों और अधिकारियों से पूछताछ की। रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि गिरिबाला सिंह को जेल पहुंचने के कुछ दिनों बाद विशेष खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई गई थी। इसके अलावा उम्र का हवाला देकर उन्हें अस्पताल वार्ड में भी शिफ्ट किया गया। जांच अधिकारियों ने इस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
डिप्टी जेलर को पद से हटाया गया
मामले में कार्रवाई करते हुए संबंधित बैरक की प्रभारी डिप्टी जेलर को पद से हटा दिया गया। सूत्रों का दावा है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में दूसरे अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई संभव है। जेल मुख्यालय इस बात की पड़ताल कर रहा है कि क्या नियमों से हटकर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं।
उधर, ट्विशा शर्मा केस की शुरुआती पुलिस जांच को लेकर भी नए विवाद सामने आए हैं। मृतका के परिवार की ओर से अदालत में पेश किए गए तर्कों में दावा किया गया है कि घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जब्ती और परीक्षण प्रक्रिया में कई गंभीर खामियां थीं। विशेष रूप से उस सामग्री को लेकर सवाल उठाए गए हैं, जिसके आधार पर आत्महत्या की थ्योरी सामने आई थी।
सास गिरिबाला तक पहुंचाए गए दस्तावेज
कानूनी पक्ष का कहना है कि कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला तक पहुंचाए गए, जिन्हें उस समय जांच से संबंधित जानकारी हासिल करने का अधिकार नहीं था। यही वजह रही कि मामले में कानूनी रणनीति पहले से तैयार की जा सकी। इतना ही नहीं, ये भी कहा जा रहा है कि सास गिरिबाला ने वक्त रहते अग्रिम जमानत भी इसी बिनाह पर मिल पाई। हालांकि इन आरोपों पर अभी तक जांच एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
सीबीआई की मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश
इस बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) भी मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। एजेंसी ने उन डॉक्टरों से भी पूछताछ शुरू कर दी है, जिनसे ट्विशा का इलाज होने का दावा किया गया था। जांचकर्ता यह जानना चाहते हैं कि क्या वास्तव में अभिनेत्री किसी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रही थीं या फिर इस पहलू का इस्तेमाल बचाव पक्ष की रणनीति के तौर पर किया गया।
ट्विशा शर्मा मौत मामला अब केवल एक संदिग्ध मृत्यु की जांच तक सीमित नहीं रह गया है। पुलिस कार्रवाई, जेल प्रशासन, मेडिकल रिकॉर्ड और जांच प्रक्रिया से जुड़े कई पहलू एक साथ जांच के दायरे में हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और भी अहम खुलासे सामने आ सकते हैं।



Social media is flooded with heartbreaking tributes as this reel goes viral and trends across platforms, with thousands mourning the tragic loss of Twisha Sharma. Just 5 months after her marriage, Twisha passed away in Bhopal, leaving behind…
(@_Attitude_Vini)