वाराणसी के फूलपुर थाने में युवक को हिरासत में लेकर पीटने के बाद उसकी हालत बिगड़ने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पुलिसिया पिटाई से युवक गंभीर हालत में जिंदगी की जंग लड़ रहा है, वहीं परिजन थाना पुलिस पर आक्रोशित हैं। पुलिस की किरकिरी के बाद पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने फूलपुर थाने के इंस्पेक्टर अतुल कुमार सिंह से थानेदारी छीन ली है। सीपी ने इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पूरे मामले में अतुल कुमार सिंह के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई है। सीपी ने बताया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं विस्तृत प्रारंभिक विभागीय जांच प्रारंभ कर दी गई है। संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका, पूछताछ की परिस्थितियों तथा चिकित्सकीय तथ्यों का परीक्षण कराया जाएगा। यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही, दुर्व्यवहार अथवा अधिकारों के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बता दें कि अतुल कुमार सिंह लंबे समय से गोमती जोन के बड़ागांव और फूलपुर समेत अन्य थानों पर तैनात रहे हैं और विधायक अवधेश सिंह के करीबी होने के कारण इस जोन में लगातार तैनाती का कारण माना जा रहा है। इसी के चलते ग्रामीणों ने विधायक के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की थी। पहले बताते हैं पूरा घटनाक्रम वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र में पिछले दिनों हुई मनीष सिंह की हत्या में आरोपियों के मददगारों और शरणदाताओं के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। इस केस में दो आरोपियों के हाफ इनकाउंटर भी किया गया, हालांकि अभी तक 3 आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। परिजनों का आरोप है कि खालिसपुर पहुंची पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने घर में घुसकर महेश राजभर(27) को सुबह 7 बजे गुंडई तरीके से हिरासत में लिया और उसे फूलपुर थाने पर लेकर गए। पीछे से परिजन और ग्रामीण भी पहुंचे। थाने में पूछताछ के नाम पर पुलिस ने बर्बरता की और उसे मारापीटा। पुलिसिया पिटाई में उसकी हालत बिगड़ गई और अचेत होकर गंभीर हालात में चला गया। जिसके बाद उसे सुबह साढ़े दस बजे लक्ष्मी हॉस्पिटल में एडमिट कराया और परिजनों को सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि घमहापुर थाना फूलपुर में हुए मनीष हत्याकांड में आरोपियों के नाम पर पुलिस खालिसपुर के रिश्तेदारों और राजभर युवकों का उत्पीड़न कर रही है। इसी क्रम में रामलाल राजभर के बेटे महेश राजभर (27) को सुबह 7 बजे पकड़ा था। हंगामा और फजीहत के बाद युवक को बताया आरोपी पुलिस कमिश्नर कार्यालय के अनुसार मुकदमा अपराध संख्या 134/2026 धारा 191(2), 132, 221, 352, 351(3) बीएनएस व धारा 7 सीएलए एक्ट में महेश राजभर पुत्र रामलाल निवासी ग्राम खालिसपुर वांछित था, जिसका नाम जांच में सामने आया था। सुबह फूलपुर कमिश्ररेट वाराणसी को दबिश देकर पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी। पूछताछ के दौरान महेश राजभर की घबराहट के कारण तबीयत खराब हो गई, जिसको तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए न्यू लक्ष्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। इस समय इनकी तबियत पूरी तरह से स्वस्थ है। परिजनों द्वारा आरोप लगाया गया है कि महेश राजभर के साथ पुलिस हिरासत के दौरान दुर्व्यवहार किए जाने के कारण उनकी तबीयत खराब हुई है। उक्त आरोपों को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए उच्चाधिकारियों केनिर्देशानुसार तत्काल प्रभाव से प्रभारी निरीक्षक फूलपुर अतुल कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है। प्रकरण की विस्तृत जांच और विभागीय कार्रवाई प्रचलित की गयी है।


