पूर्णिया में आग बुझाने गए पुलिस-दमकल कर्मी पर हमला:फायर ब्रिगेड की गाड़ी देरी से पहुंचने पर भड़के लोग; लेडी SI, 3 कांस्टेबल समेत कर्मी जख्मी

पूर्णिया में आग बुझाने गए पुलिस-दमकल कर्मी पर हमला:फायर ब्रिगेड की गाड़ी देरी से पहुंचने पर भड़के लोग; लेडी SI, 3 कांस्टेबल समेत कर्मी जख्मी

पूर्णिया के कसबा में आग बुझाने गई फायर ब्रिगेड की टीम पर लोगों ने हमला बोल दिया। आक्रोशित लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी में जमकर तोड़फोड़ की। हालात पर काबू पाने पहुंची पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। इसमें एसआई के अलावा 3 कांस्टेबल और एक फायर ब्रिगेड का जवान बुरी तरह जख्मी हो गए। हमले की वजह फायर ब्रिगेड की गाड़ी का देर से पहुंचना और आग बुझाने में हुई देरी बनी। नाश्ता दुकान से शुरू हुई आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। आसपास के चार घरों और दो दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना कसबा थाना क्षेत्र के तारानगर इलाके की है। आग बुझाने में हुई देरी से नाराज लोगों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में एसआई संजना प्रसाद के अलावा कांस्टेबल अरविंद कुमार गुप्ता, रोहित कुमार, पूजा भारती और फायर ब्रिगेड के चालक महताब आलम घायल हैं। सभी को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में एडमिट कराया गया। तेज हवा के कारण फैली आग तारानगर निवासी शिवजी महतो ने बताया कि उनकी नाश्ता दुकान में अचानक आग लग गई। शुरुआती समय में लोगों ने खुद आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज हवा और घनी आबादी के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। देखते ही देखते बगल में स्थित लखन महतो की दुकान भी जलने लगी। आग की लपटें आसपास के घरों तक पहुंच गईं और कुछ ही देर में चार घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। घरों में रखा अनाज, कपड़े, फर्नीचर और जरूरी सामान भी जल गया। कई परिवारों के सामने अचानक रहने और खाने की समस्या खड़ी हो गई। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में चीख-पुकार मच गई। महिलाएं और बच्चे घरों से सामान निकालने में जुट गए, जबकि स्थानीय युवक बाल्टी और मोटर के सहारे आग बुझाने का प्रयास करते रहे। लेकिन आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। लोगों का आरोप है कि कसबा थाना क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की व्यवस्था नहीं होने के कारण जलालगढ़ से दमकल बुलानी पड़ी, जिससे काफी देर हो गई। इसी देरी ने लोगों के गुस्से को भड़का दिया। जब दमकल और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, तो पहले लोगों ने नाराजगी जताई। बाद में स्थिति अचानक बिगड़ गई और भीड़ उग्र हो गई। आक्रोशित लोगों ने पुलिस वाहन और फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर हमला कर दिया। गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। स्थिति कुछ देर के लिए पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई। इसमें एसआई, कांस्टेबल और फायर ब्रिगेड कर्मी जख्मी हो गए। सूचना मिलने के बाद अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर भेजा गया। पुलिस टीम ने किसी तरह हालात को नियंत्रित किया। इस दौरान मौके पर पहुंचे एसआई रमाकांत यादव के साथ भी भीड़ ने धक्का-मुक्की की। पुलिसकर्मियों को किया रेफर सभी घायलों को इलाज के लिए कसबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ पुलिसकर्मियों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और लगातार गश्त की जा रही है। पूर्णिया के कसबा में आग बुझाने गई फायर ब्रिगेड की टीम पर लोगों ने हमला बोल दिया। आक्रोशित लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ी में जमकर तोड़फोड़ की। हालात पर काबू पाने पहुंची पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। इसमें एसआई के अलावा 3 कांस्टेबल और एक फायर ब्रिगेड का जवान बुरी तरह जख्मी हो गए। हमले की वजह फायर ब्रिगेड की गाड़ी का देर से पहुंचना और आग बुझाने में हुई देरी बनी। नाश्ता दुकान से शुरू हुई आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। आसपास के चार घरों और दो दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना कसबा थाना क्षेत्र के तारानगर इलाके की है। आग बुझाने में हुई देरी से नाराज लोगों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में एसआई संजना प्रसाद के अलावा कांस्टेबल अरविंद कुमार गुप्ता, रोहित कुमार, पूजा भारती और फायर ब्रिगेड के चालक महताब आलम घायल हैं। सभी को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में एडमिट कराया गया। तेज हवा के कारण फैली आग तारानगर निवासी शिवजी महतो ने बताया कि उनकी नाश्ता दुकान में अचानक आग लग गई। शुरुआती समय में लोगों ने खुद आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज हवा और घनी आबादी के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। देखते ही देखते बगल में स्थित लखन महतो की दुकान भी जलने लगी। आग की लपटें आसपास के घरों तक पहुंच गईं और कुछ ही देर में चार घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। घरों में रखा अनाज, कपड़े, फर्नीचर और जरूरी सामान भी जल गया। कई परिवारों के सामने अचानक रहने और खाने की समस्या खड़ी हो गई। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में चीख-पुकार मच गई। महिलाएं और बच्चे घरों से सामान निकालने में जुट गए, जबकि स्थानीय युवक बाल्टी और मोटर के सहारे आग बुझाने का प्रयास करते रहे। लेकिन आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। लोगों का आरोप है कि कसबा थाना क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की व्यवस्था नहीं होने के कारण जलालगढ़ से दमकल बुलानी पड़ी, जिससे काफी देर हो गई। इसी देरी ने लोगों के गुस्से को भड़का दिया। जब दमकल और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, तो पहले लोगों ने नाराजगी जताई। बाद में स्थिति अचानक बिगड़ गई और भीड़ उग्र हो गई। आक्रोशित लोगों ने पुलिस वाहन और फायर ब्रिगेड की गाड़ी पर हमला कर दिया। गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। स्थिति कुछ देर के लिए पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई। इसमें एसआई, कांस्टेबल और फायर ब्रिगेड कर्मी जख्मी हो गए। सूचना मिलने के बाद अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर भेजा गया। पुलिस टीम ने किसी तरह हालात को नियंत्रित किया। इस दौरान मौके पर पहुंचे एसआई रमाकांत यादव के साथ भी भीड़ ने धक्का-मुक्की की। पुलिसकर्मियों को किया रेफर सभी घायलों को इलाज के लिए कसबा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ पुलिसकर्मियों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और लगातार गश्त की जा रही है।  

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