POCSO कोर्ट ने आरोपी को सुनाई 25 साल की सजा:नालंदा में 11 साल की बच्ची से दरिंदगी मामला; 25 हजार का लगा जुर्माना

POCSO कोर्ट ने आरोपी को सुनाई 25 साल की सजा:नालंदा में 11 साल की बच्ची से दरिंदगी मामला; 25 हजार का लगा जुर्माना

बिहार शरीफ जिला कोर्ट के चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष पॉक्सो न्यायाधीश प्रकाश कुमार सिन्हा की अदालत ने फैसला सुनाया है। नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के एक मामले में दोषी को 25 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने कठोर सजा के साथ-साथ दोषी पर 25 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि अदा न करने की स्थिति में दोषी को 6 महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। इसके अलावा, अदालत ने पीड़िता के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। इस राशि में पहले दी गई अंतरिम सहायता राशि को समायोजित किया जाएगा। पूरा मामला हरनौत थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जिसकी प्राथमिकी 9 मई 2024 को पीड़िता के बयान के आधार पर दर्ज की गई थी। घटनाक्रम के अनुसार, बीती 6 अप्रैल को एक 11 साल की छात्रा जब स्कूल परिसर में मौजूद थी, तभी हरनौत निवासी आरोपी उसे बहला-फुसलाकर एक सुनसान स्थान पर ले गया और वहां उसके साथ कुकृत्य को अंजाम दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआई मौसम कुमारी ने सघन जांच की और आरोपी के विरुद्ध ठोस साक्ष्य जुटाते हुए अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष पॉक्सो लोक अभियोजक जगतनारायण सिन्हा, अधिवक्ता वीरमणि कुमार और मुश्तरी जवीं ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा। सुनवाई के क्रम में अदालत के समक्ष कुल 6 गवाहों का परीक्षण किया गया। अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया अभियोजन पक्ष ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया और समाज में कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से उसे इस कठोर दंड से दंडित किया। अदालत का यह फैसला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। बिहार शरीफ जिला कोर्ट के चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह विशेष पॉक्सो न्यायाधीश प्रकाश कुमार सिन्हा की अदालत ने फैसला सुनाया है। नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म के एक मामले में दोषी को 25 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने कठोर सजा के साथ-साथ दोषी पर 25 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि अदा न करने की स्थिति में दोषी को 6 महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। इसके अलावा, अदालत ने पीड़िता के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। इस राशि में पहले दी गई अंतरिम सहायता राशि को समायोजित किया जाएगा। पूरा मामला हरनौत थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जिसकी प्राथमिकी 9 मई 2024 को पीड़िता के बयान के आधार पर दर्ज की गई थी। घटनाक्रम के अनुसार, बीती 6 अप्रैल को एक 11 साल की छात्रा जब स्कूल परिसर में मौजूद थी, तभी हरनौत निवासी आरोपी उसे बहला-फुसलाकर एक सुनसान स्थान पर ले गया और वहां उसके साथ कुकृत्य को अंजाम दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआई मौसम कुमारी ने सघन जांच की और आरोपी के विरुद्ध ठोस साक्ष्य जुटाते हुए अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष पॉक्सो लोक अभियोजक जगतनारायण सिन्हा, अधिवक्ता वीरमणि कुमार और मुश्तरी जवीं ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा। सुनवाई के क्रम में अदालत के समक्ष कुल 6 गवाहों का परीक्षण किया गया। अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया अभियोजन पक्ष ने प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया और समाज में कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से उसे इस कठोर दंड से दंडित किया। अदालत का यह फैसला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।  

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