प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के तहत महाराष्ट्र के 91,12,765 किसानों के बैंक खातों में 1,835 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए। राज्य सरकार के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने दक्षिण मुंबई स्थित अपने आधिकारिक आवास वर्षा से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये गुजरात के बनासकांठा में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने किसानों के खातों में राशि हस्तांरित की। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के 85 प्रतिशत से अधिक किसान छोटे किसान हैं और पीएम-किसान योजना के तहत अब तक उनके बैंक खातों में करीब चार लाख करोड़ रुपये सीधे अंतरित किए जा चुके हैं। मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न नीतियों के जरिये किसानों को पिछले कुछ वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लाभ मिला है या उनकी इतनी बचत हुई है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में उर्वरकों की कीमतें बढ़ने के बावजूद उन्हें किसानों के लिए किफायती बनाए रखने पर सरकार ने करीब 16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए, जिससे इसका अतिरिक्त बोझ किसानों पर नहीं पड़ा। मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था के तहत गेहूं और धान किसानों को 24 लाख करोड़ रुपये मिले हैं। वहीं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पिछले एक दशक में किसानों को दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दिया गया है।
उन्होंने कहा कि पीएम-कुसुम योजना के तहत सिंचाई की लागत कम करने के लिए किसानों को करीब 12 लाख सौर पंप उपलब्ध कराए गए हैं। इससे 80 करोड़ लीटर से अधिक डीजल की बचत हुई है। किसान अतिरिक्त बिजली उत्पादन से भी लाभान्वित हो रहे हैं।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल बीजों की करीब 3,000 नई किस्में भी उपलब्ध कराई गई हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन के महत्व का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत देशी पशुधन के संरक्षण और वैज्ञानिक तरीके से प्रजनन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खुरपका-मुंहपका बीमारी के खिलाफ देशव्यापी मुफ्त टीकाकरण अभियान के तहत करीब 150 करोड़ टीके लगाए गए हैं।
इससे आठ करोड़ से अधिक किसानों के पशुधन को लाभ मिला है। मोदी ने कहा कि देश में गायों और भैंसों का औसत दैनिक दूध उत्पादन बढ़कर अब करीब आठ लीटर हो गया है जबकि 2013-14 में यह पांच लीटर से कम था।

