केंद्र सरकार ने साइबर ठगी को लेकर लोगों को सतर्क किया है। गृह मंत्रालय के मुताबिकठग प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और मुख्यमंत्रियों के नाम और डीपफेक वीडियो का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं। एडवाइजरी में पाकिस्तान के +92 कंट्री कोड वाले नंबरों से आने वाली कॉल और वॉट्सऐप मैसेज को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हालांकि, केवल कंट्री कोड के आधार पर किसी कॉल को फर्जी नहीं माना जा सकता। किसी भी अनजान व्यक्ति के दावों की जांच जरूर करें। इसको लेकर गृह मंत्रालय के तहत इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की नेशनल साइबरक्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने एडवाइजरी जारी की। सरकारी योजनाओं के नाम पर मांगते हैं फीस ठग फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी विज्ञापन चलाकर सरकारी योजनाओं के तहत आर्थिक मदद देने का दावा करते हैं। इसके बदले टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और रजिस्ट्रेशन चार्ज के नाम पर पैसे मांगते हैं। डीपफेक तकनीक से किसी व्यक्ति के चेहरे और आवाज में बदलाव कर फर्जी वीडियो बनाए जाते हैं। ठग इन वीडियो के जरिए फर्जी सरकारी योजनाओं को असली बताकर लोगों को झांसे में लेते हैं। कैशबैक और UPI के जरिए भी ठगी साइबर ठग स्क्रैच कार्ड और ‘स्पिन एंड विन’ जैसे ऑफर देकर कैशबैक या इनाम का लालच देते हैं। इसके बाद लोगों से UPI कलेक्ट रिक्वेस्ट मंजूर करवाकर और PIN डलवाकर उनके खाते से पैसे निकाल लेते हैं। ध्यान रखें कि UPI PIN डालने की जरूरत अपने खाते से भुगतान करने के लिए होती है, पैसे पाने के लिए नहीं। ठगी से बचने के लिए क्या करें? ————————————– ये खबर भी पढ़ें… AI कंटेंट पर लेबल लगाना जरूरी, डीपफेक वीडियो-फोटो भी 3 घंटे में हटाने होंगे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे X (ट्विटर), यू-ट्यूब, स्नैपचैट और फेसबुक को अब अपने प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जाने वाले AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कंटेंट पर लेबल लगाना होगा। इसके साथ ही डीपफेक वीडियो-फोटो भी 3 घंटे में हटाने होंगे। पूरी खबर पढ़ें…
PM-CM के डीपफेक वीडियो से साइबर ठगी का खतरा:गृह मंत्रालय की एडवाइजरी, पाकिस्तानी +92 नंबर से आने वाले कॉल-मैसेज से सतर्क रहें

