Pitted Keratolysis Symptoms: क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि दिनभर जूते-मोजे पहनने के बाद जब आप उन्हें उतारते हैं, तो पैरों से बहुत तेज बदबू आने लगती है? या फिर तलवों की त्वचा सफेद और थोड़ी गलने जैसी हो जाती है, जिस पर ध्यान से देखने पर छोटे-छोटे बारीक गड्ढे दिखाई देते हैं? अगर हां, तो इसे सिर्फ पसीने या गंदगी की आम समस्या मानकर नजरअंदाज करने की भूल न करें। क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, यह स्किन इंफेक्शन हो सकता है जिसे मेडिकल की भाषा में पिटेड केराटोलाइसिस (Pitted Keratolysis) कहा जाता है। यह पैरों के तलवों पर होने वाला एक सतही जीवाणु संक्रमण (बैक्टिरियल इंफेक्शन) है। यह कोई बहुत खतरनाक या जानलेवा बीमारी नहीं है, लेकिन समय पर ध्यान न देने पर यह काफी परेशान कर सकती है। आइए जानते हैं कि ये क्या होता है और इसके कारण व लक्षण क्या हैं?
क्यों और कैसे होता है यह इंफेक्शन?
डर्मनेट के अनुसार, हमारे पैरों में हजारों पसीने की ग्रंथियां होती हैं। जब हम लंबे समय तक टाइट, बंद जूते या नायलॉन वाले मोजे पहनते हैं, तो पैरों की नमी और पसीना बाहर नहीं निकल पाता। यह नमी वाला माहौल बैक्टीरिया के पनपने के लिए एकदम सही जगह बन जाता है। कोरीनेबैक्टीरियम और माइक्रोकोकस जैसे बैक्टीरिया इस पसीने और नमी में तेजी से बढ़ते हैं। ये बैक्टीरिया पैरों की ऊपरी त्वचा (केराटिन) को धीरे-धीरे खाने या घोलने लगते हैं। इसी की वजह से तलवों पर छोटे-छोटे गड्ढे बन जाते हैं और पसीने के साथ मिलकर यह बैक्टीरिया एक खास तरह की तेज और बुरी गंध पैदा करते हैं।
पिटेड केराटोलाइसिस के प्रमुख लक्षण
- पैरों से बहुत तेज बदबू आना।
- तलवों पर छोटे-छोटे गड्ढे।
- त्वचा का रंग बदलना।
- हल्की खुजली या जलन।
किन लोगों को इसका खतरा ज्यादा होता है?
- एथलीट्स, रनर्स और स्पोर्ट्स खेलने वाले लोग।
- आर्मी, पुलिस, सिक्योरिटी गार्ड्स या वर्कसाइट पर हर वक्त भारी गमबूट्स या सेफ्टी शूज पहनने वाले मजदूर।
- वे लोग जिन्हें हथेली और तलवों में बहुत ज्यादा पसीना आने की समस्या (हाइपरहाइड्रोसिस) होती है।
- बरसात या गर्मी के मौसम में नमी वाले इलाकों में रहने वाले लोग।
इससे बचाव के तरीके
- जब भी जूते उतारें, पैरों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं।
- नायलॉन या सिंथेटिक मोजे पहनने के बजाय pure सूती (cotton) मोजे पहनें।
- अगर पसीना ज्यादा आता है, तो दिन में दो बार मोजे बदलें।
- एक ही जूता रोज-रोज न पहनें।
- एंटीबैक्टीरियल साबुन का इस्तेमाल।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

