50 हजार के लिए टूटी शादी, वीडियो वायरल होने के बाद बदल गई तस्वीर

50 हजार के लिए टूटी शादी, वीडियो वायरल होने के बाद बदल गई तस्वीर

भास्कर न्यूज | सिकटा सिकटा प्रखंड के सुगहां भवानीपुर गांव में दहेज की वजह से 5 मई को टूटी शादी आखिरकार सामाजिक पहल एवं प्रशासनिक दखलंदाजी के बाद गुरुवार की रात दहेज मुक्त तरीके से सम्पन्न हो गई। दहेज के कारण शादी टूटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मोतिहारी एसपी ने मामले को गंभीरता से लिया और वर पक्ष पर कार्रवाई का दबाव बनाया। वहीं चंपारण यदुवंशी महासभा की सक्रिय पहल से दोनों परिवारों के बीच फिर बातचीत शुरू हुई। अंततः सामाजिक दबाव और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद वर पक्ष दहेज मुक्त विवाह के लिए तैयार हो गया। पूर्वी चंपारण जिले के रामगढ़वा थाना क्षेत्र के अहिरवलिया निवासी मदन यादव अपने पुत्र रूना कुमार की बारात लेकर कंगली थाना क्षेत्र के सुगहाभवानीपुर गांव पहुंचे, जहां पूरे रीति-रिवाज और शाही अंदाज में रीना कुमारी के साथ विवाह सम्पन्न हुआ। यह वही शादी थी जो 5 मई को दहेज में 50 हजार रुपए की मांग पूरी नहीं होने के कारण टूट गई थी। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और सामाजिक संगठनों की पहल से दोनों पक्ष फिर राजी हुए। सैकड़ों ग्रामीणों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में यह विवाह दहेज प्रथा के खिलाफ प्रेरक संदेश बन गयाा। भास्कर न्यूज | सिकटा सिकटा प्रखंड के सुगहां भवानीपुर गांव में दहेज की वजह से 5 मई को टूटी शादी आखिरकार सामाजिक पहल एवं प्रशासनिक दखलंदाजी के बाद गुरुवार की रात दहेज मुक्त तरीके से सम्पन्न हो गई। दहेज के कारण शादी टूटने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मोतिहारी एसपी ने मामले को गंभीरता से लिया और वर पक्ष पर कार्रवाई का दबाव बनाया। वहीं चंपारण यदुवंशी महासभा की सक्रिय पहल से दोनों परिवारों के बीच फिर बातचीत शुरू हुई। अंततः सामाजिक दबाव और प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद वर पक्ष दहेज मुक्त विवाह के लिए तैयार हो गया। पूर्वी चंपारण जिले के रामगढ़वा थाना क्षेत्र के अहिरवलिया निवासी मदन यादव अपने पुत्र रूना कुमार की बारात लेकर कंगली थाना क्षेत्र के सुगहाभवानीपुर गांव पहुंचे, जहां पूरे रीति-रिवाज और शाही अंदाज में रीना कुमारी के साथ विवाह सम्पन्न हुआ। यह वही शादी थी जो 5 मई को दहेज में 50 हजार रुपए की मांग पूरी नहीं होने के कारण टूट गई थी। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और सामाजिक संगठनों की पहल से दोनों पक्ष फिर राजी हुए। सैकड़ों ग्रामीणों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में यह विवाह दहेज प्रथा के खिलाफ प्रेरक संदेश बन गयाा।  

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