मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय में पीजी प्रथम सेमेस्टर सत्र 2026-28 में नामांकन के लिए समर्थ पोर्टल का लिंक सक्रिय होने के बाद भी छात्र-छात्राओं की परेशानी दूर नहीं हुई है। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद अभ्यर्थियों को कॉलेज चयन के लिए केवल तीन विकल्प दिख रहे हैं। जबकि विश्वविद्यालय की ओर से अभ्यर्थियों को अधिकतम सात महाविद्यालयों का चयन करने की सुविधा देने की बात कही गई है। ऐसे में इच्छुक छात्र-छात्राएं ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। विश्वविद्यालय ने पीजी में नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि 5 से 20 अक्टूबर निर्धारित की थी। 5 हजार सीटों पर होना है नामांकन हालांकि, समर्थ पोर्टल पर आवेदन का लिंक 9 अक्टूबर की रात को सक्रिय हुआ। इससे अभ्यर्थियों को फॉर्म भरने के लिए कम समय मिलने की आशंका है। बीएनएमयू में पीजी की करीब 5 हजार सीटों पर नामांकन होना है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि स्नातक में ऑन स्पॉट नामांकन की प्रक्रिया चल रही थी। इस कारण छात्रों के बीच किसी तरह का भ्रम नहीं हो, इसलिए पीजी नामांकन के लिए समर्थ पोर्टल का लिंक सक्रिय नहीं किया गया था। विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू प्रो. उमाशंकर चौधरी ने बताया कि स्नातक में ऑन स्पॉट नामांकन की प्रक्रिया के कारण पीजी का लिंक सक्रिय नहीं किया गया था। टेक्निकल समस्या को दूर किया जा रहा है। आवेदन शुल्क किया गया दोगुना पीजी नामांकन के आवेदन शुल्क में वृद्धि को लेकर भी छात्र-छात्राओं में नाराजगी है। पहले यूएमआईएस के माध्यम से आवेदन लिया जाता था, जिसके लिए 150 रुपए शुल्क निर्धारित था। इस बार शुल्क बढ़ाकर 300 रुपए कर दिया गया है। छात्रों का कहना है कि शुल्क में दोगुनी वृद्धि से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने पूर्व निर्धारित शुल्क ही रखने की मांग की है। 20 अक्टूबर तक होगा ऑनलाइन आवेदन पीजी प्रथम सेमेस्टर सत्र 2026-28 में नामांकन के इच्छुक अभ्यर्थी 20 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के लिए अभ्यर्थियों को सक्रिय मोबाइल नंबर और वैध ई-मेल आईडी देनी होगी। इसके साथ ही निर्धारित आकार और मानक के अनुसार शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी। अभ्यर्थियों को फोटो, हस्ताक्षर, दसवीं और बारहवीं के अंकपत्र एवं प्रमाणपत्र तथा स्नातक के अंकपत्र एवं प्रमाणपत्र अपलोड करने होंगे। आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को नियमानुसार जाति, आय, दिव्यांगता और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र भी अपलोड करना होगा। आवेदन शुल्क का भुगतान यूपीआई या डेबिट कार्ड से किया जा सकेगा। सात महाविद्यालयों का सकेंगे चयन
अभ्यर्थी अपनी पसंद और वरीयता के आधार पर अधिकतम सात महाविद्यालयों का चयन कर सकेंगे। विश्वविद्यालय ने आवेदन के दौरान लिंग, श्रेणी और अन्य विवरण सावधानीपूर्वक भरने की सलाह दी है। फॉर्म जमा करने और प्रोफाइल लॉक होने के बाद किसी भी विवरण में संशोधन की अनुमति नहीं होगी। डीएसडब्ल्यू प्रो. उमाशंकर चौधरी ने बताया कि पीजी नामांकन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय में पीजी प्रथम सेमेस्टर सत्र 2026-28 में नामांकन के लिए समर्थ पोर्टल का लिंक सक्रिय होने के बाद भी छात्र-छात्राओं की परेशानी दूर नहीं हुई है। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद अभ्यर्थियों को कॉलेज चयन के लिए केवल तीन विकल्प दिख रहे हैं। जबकि विश्वविद्यालय की ओर से अभ्यर्थियों को अधिकतम सात महाविद्यालयों का चयन करने की सुविधा देने की बात कही गई है। ऐसे में इच्छुक छात्र-छात्राएं ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। विश्वविद्यालय ने पीजी में नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि 5 से 20 अक्टूबर निर्धारित की थी। 5 हजार सीटों पर होना है नामांकन हालांकि, समर्थ पोर्टल पर आवेदन का लिंक 9 अक्टूबर की रात को सक्रिय हुआ। इससे अभ्यर्थियों को फॉर्म भरने के लिए कम समय मिलने की आशंका है। बीएनएमयू में पीजी की करीब 5 हजार सीटों पर नामांकन होना है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि स्नातक में ऑन स्पॉट नामांकन की प्रक्रिया चल रही थी। इस कारण छात्रों के बीच किसी तरह का भ्रम नहीं हो, इसलिए पीजी नामांकन के लिए समर्थ पोर्टल का लिंक सक्रिय नहीं किया गया था। विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू प्रो. उमाशंकर चौधरी ने बताया कि स्नातक में ऑन स्पॉट नामांकन की प्रक्रिया के कारण पीजी का लिंक सक्रिय नहीं किया गया था। टेक्निकल समस्या को दूर किया जा रहा है। आवेदन शुल्क किया गया दोगुना पीजी नामांकन के आवेदन शुल्क में वृद्धि को लेकर भी छात्र-छात्राओं में नाराजगी है। पहले यूएमआईएस के माध्यम से आवेदन लिया जाता था, जिसके लिए 150 रुपए शुल्क निर्धारित था। इस बार शुल्क बढ़ाकर 300 रुपए कर दिया गया है। छात्रों का कहना है कि शुल्क में दोगुनी वृद्धि से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने पूर्व निर्धारित शुल्क ही रखने की मांग की है। 20 अक्टूबर तक होगा ऑनलाइन आवेदन पीजी प्रथम सेमेस्टर सत्र 2026-28 में नामांकन के इच्छुक अभ्यर्थी 20 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के लिए अभ्यर्थियों को सक्रिय मोबाइल नंबर और वैध ई-मेल आईडी देनी होगी। इसके साथ ही निर्धारित आकार और मानक के अनुसार शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी। अभ्यर्थियों को फोटो, हस्ताक्षर, दसवीं और बारहवीं के अंकपत्र एवं प्रमाणपत्र तथा स्नातक के अंकपत्र एवं प्रमाणपत्र अपलोड करने होंगे। आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को नियमानुसार जाति, आय, दिव्यांगता और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र भी अपलोड करना होगा। आवेदन शुल्क का भुगतान यूपीआई या डेबिट कार्ड से किया जा सकेगा। सात महाविद्यालयों का सकेंगे चयन
अभ्यर्थी अपनी पसंद और वरीयता के आधार पर अधिकतम सात महाविद्यालयों का चयन कर सकेंगे। विश्वविद्यालय ने आवेदन के दौरान लिंग, श्रेणी और अन्य विवरण सावधानीपूर्वक भरने की सलाह दी है। फॉर्म जमा करने और प्रोफाइल लॉक होने के बाद किसी भी विवरण में संशोधन की अनुमति नहीं होगी। डीएसडब्ल्यू प्रो. उमाशंकर चौधरी ने बताया कि पीजी नामांकन से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं।

