अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग के के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ा दी गई हैं। पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। शुक्रवार 15 मई, 2026 को पेट्रोलियम कंपनियों ने डीजल पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए। नए दाम आज 15 मई से लागू हो गए हैं। पटना में अब पेट्रोल की कीमत पटना में 108.67 रुपए प्रति लीटर हो गई है। गुरुवार तक पटना में पेट्रोल की कीमत 105.37 रुपए प्रति लीटर थी। वहीं डीजल के दाम भी बढ़े हैं अब पटना में डीजल की कीमत 94.65 रुपए प्रति लीटर हो गया है। गुरुवार तक डीजल की कीमत 91.65 रुपए प्रति लीटर थी।
इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। बढ़ोतरी से पहले के पेट्रोल-डीजल के दाम क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। पीएम मोदी ने ईंधन का इस्तेमाल कम करने की कही थी बात पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों के सावधानीपूर्वक उपयोग का सुझाव दिया था। पीएम ने कहा था कि आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव भी कम होंगे। अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग के के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ा दी गई हैं। पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। शुक्रवार 15 मई, 2026 को पेट्रोलियम कंपनियों ने डीजल पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए। नए दाम आज 15 मई से लागू हो गए हैं। पटना में अब पेट्रोल की कीमत पटना में 108.67 रुपए प्रति लीटर हो गई है। गुरुवार तक पटना में पेट्रोल की कीमत 105.37 रुपए प्रति लीटर थी। वहीं डीजल के दाम भी बढ़े हैं अब पटना में डीजल की कीमत 94.65 रुपए प्रति लीटर हो गया है। गुरुवार तक डीजल की कीमत 91.65 रुपए प्रति लीटर थी।
इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। बढ़ोतरी से पहले के पेट्रोल-डीजल के दाम क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। पीएम मोदी ने ईंधन का इस्तेमाल कम करने की कही थी बात पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों के सावधानीपूर्वक उपयोग का सुझाव दिया था। पीएम ने कहा था कि आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव भी कम होंगे।


