बदायूं में लोकमता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती के अवसर पर प्रस्तावित कार्यक्रम को प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया। अधिकारियों ने पर्याप्त पुलिस बल की कमी को इसका कारण बताया। इस फैसले से पाल समाज के लोगों में रोष फैल गया। अनुमति न मिलने के बाद, यह कार्यक्रम समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यालय पर आयोजित किया गया। सपा जिलाध्यक्ष आशीष यादव ने प्रशासन के इस निर्णय को सत्ता की साजिश करार दिया है। दरअसल, सपा की सचिव सुनीता पाल के नेतृत्व में यह कार्यक्रम शहर के इस्लामियां इंटर कॉलेज में आयोजित किया जाना था। इसके लिए कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं, जिसमें बड़ा टेंट लगाना और अन्य व्यवस्थाएं शामिल थीं। कार्यक्रम की अनुमति के लिए 11 मई को सिटी मजिस्ट्रेट को आवेदन दिया गया था। 20 मई को पुलिस चौकी प्रभारी और 21 मई को एलआईयू तथा सदर कोतवाली पुलिस से संस्तुति भी मिल गई थी। 23 मई को आवेदन पुनः सिटी मजिस्ट्रेट के पास पहुंचा। आरोप है कि सिटी मजिस्ट्रेट ने शुरुआत में अनुमति देने का आश्वासन दिया था, लेकिन ऐन वक्त पर, कार्यक्रम से एक दिन पहले, अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके चलते सारी तैयारियां धरी रह गईं और पाल समाज में आक्रोश बढ़ गया। मामले की जानकारी मिलने पर सपा जिलाध्यक्ष ने पार्टी कार्यालय पर आयोजन करवाया। सपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि अचानक से अनुमति देने से इंकार कर दिया। हमने डीएम से भी बात कि लेकिन उन्होंने कह दिया कि हमारे पास पर्याप्त पुलिस बल नहीं है। इसलिए अनुमति नहीं दी जा सकती। जबकि हम लोग केवल समारोह मना रहे थे कोई धरना नहीं कर रहे थे लेकिन फोर्स की कमी दिखाते हुए कार्यक्रम रोकना चाहा। हालांकि सपा के बैनर तले पार्टी कार्यालय पर यह कार्यक्रम जोशोखरोश के साथ मनाया जा रहा है लेकिन सत्तापक्ष के इशारे पर हमें हमारे पूर्वजों की जयंती भी नहीं मनाने दी जा रही है। बीजेपी तानाशाही कर रही है। इसका बदला पाल समाज 2027 के चुनाव में बीजेपी से लेगा। इस मौके पर सपा जिला महासचिव सुरेशपाल सिंह चौहान, सचिव सुनीता पाल, सपा नेता फखरे अहमद शोबी, आमिर सुल्तानी समेत तमाम सपाई मौजूद रहे।


