भास्कर न्यूज | जालंधर मिट्ठू बस्ती इलाके में स्थित एक पेट्रोल पंप की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। पंप प्रबंधन पर अनियमितताओं, मनमानी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाते हुए भारी संख्या में लोगों ने पंप परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे नेशनल हाईवे ब्लॉक कर उग्र आंदोलन करेंगे। स्थानीय लोगों के गुस्से का सबसे बड़ा कारण सुरक्षा में बरती जा रही लापरवाही है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस पेट्रोल पंप पर अब तक तीन बार आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। गनीमत यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, अन्यथा घनी आबादी वाले इस इलाके में बड़ी जनहानि हो सकती थी। लोगों का कहना है कि यह पंप पूरे इलाके के लिए टाइम बम जैसा है और इसे रिहाइशी क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित किया जाना चाहिए। वाहन चालकों ने पेट्रोल पंप पर तेल की मात्रा और गुणवत्ता में कमी (घटतौली) का भी आरोप लगाया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार बार-बार शिकायत के बावजूद संचालक के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। संबंधित विभाग ने शिकायतों पर अब तक कोई ठोस संज्ञान नहीं लिया और सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है। पार्षद ने भी मांगी पुलिस की कार्रवाई क्षेत्रीय पार्षद मुकेश पुरी ने भी जनता की मांगों का समर्थन किया है। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और वे इस पंप को यहां से हटवाकर ही दम लेंगे। हंगामे की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत कराते हुए आश्वासन दिया कि आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगीै। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि यदि जांच में पेट्रोल पंप संचालक दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल, इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।


