बेतिया रेलवे गुमटी पर अंधेरा होने से राहगीर परेशान:रात में वहां से गुजरने से डरते है बच्चे, प्रशासन से स्ट्रीट लाइट लगवाने की मांग

बेतिया रेलवे गुमटी पर अंधेरा होने से राहगीर परेशान:रात में वहां से गुजरने से डरते है बच्चे, प्रशासन से स्ट्रीट लाइट लगवाने की मांग

बेतिया के रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर पर स्थित रेलवे गुमटी और उससे होकर जाने वाली सड़क पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल है। यह मार्ग शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण रास्ता है, जिससे प्रतिदिन लगभग दस हजार लोग आवागमन करते हैं। बावजूद इसके, नगर प्रशासन या रेल प्रशासन की ओर से अब तक स्थायी लाइट की व्यवस्था नहीं की गई है। महिलाएं-बच्चों को यात्रा करने में होती है परेशानी शाम ढलते ही यह पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी होती है। विशेष रूप से महिलाएं, छात्र-छात्राएं और रात में यात्रा करने वाले लोग खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। अंधेरे का लाभ उठाकर असामाजिक तत्व भी सक्रिय हो जाते हैं, जिससे लोगों में लगातार भय बना रहता है। कुछ दिन पहले इसी सड़क पर अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाशों ने मझौलिया प्रखंड के महना गन्नी पंचायत के पूर्व मुखिया जितेंद्र सिंह की हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद से लोगों में दहशत और बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि यदि समय रहते यहां पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गई होती, तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था। प्रशासन से स्ट्रीट लाइट लगवाने की मांग रेलवे गुमटी से होकर प्रतिदिन बड़ी संख्या में मजदूर, व्यापारी, स्कूली बच्चे और आम नागरिक गुजरते हैं। अंधेरे के कारण उन्हें हर समय किसी अनहोनी की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रेलवे गुमटी और आसपास के क्षेत्र में जल्द से जल्द हाईमास्ट लाइट या स्ट्रीट लाइट लगाई जाए, ताकि सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके। बेतिया के रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर पर स्थित रेलवे गुमटी और उससे होकर जाने वाली सड़क पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल है। यह मार्ग शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण रास्ता है, जिससे प्रतिदिन लगभग दस हजार लोग आवागमन करते हैं। बावजूद इसके, नगर प्रशासन या रेल प्रशासन की ओर से अब तक स्थायी लाइट की व्यवस्था नहीं की गई है। महिलाएं-बच्चों को यात्रा करने में होती है परेशानी शाम ढलते ही यह पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी होती है। विशेष रूप से महिलाएं, छात्र-छात्राएं और रात में यात्रा करने वाले लोग खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। अंधेरे का लाभ उठाकर असामाजिक तत्व भी सक्रिय हो जाते हैं, जिससे लोगों में लगातार भय बना रहता है। कुछ दिन पहले इसी सड़क पर अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाशों ने मझौलिया प्रखंड के महना गन्नी पंचायत के पूर्व मुखिया जितेंद्र सिंह की हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद से लोगों में दहशत और बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि यदि समय रहते यहां पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गई होती, तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था। प्रशासन से स्ट्रीट लाइट लगवाने की मांग रेलवे गुमटी से होकर प्रतिदिन बड़ी संख्या में मजदूर, व्यापारी, स्कूली बच्चे और आम नागरिक गुजरते हैं। अंधेरे के कारण उन्हें हर समय किसी अनहोनी की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रेलवे गुमटी और आसपास के क्षेत्र में जल्द से जल्द हाईमास्ट लाइट या स्ट्रीट लाइट लगाई जाए, ताकि सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।  

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