भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी तुकाराम मुंढे (Tukaram Mundhe) का महाराष्ट्र सरकार ने फिर तबादला कर दिया गया। नौकरशाही में 21 वर्षों की सेवा में यह उनका 25वां तबादला है। एक ईमानदार सिविल सेवक माने जाने वाले मुंढे को राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (FDA) का आयुक्त बनाया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं।
21 साल में 25वीं ट्रांसफर
2005 बैच के आईएस अधिकारी तुकाराम मुंढे अपने करियर में लगातार ट्रांसफर झेलने को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। आमतौर पर वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला तीन साल के कार्यकाल के बाद होता है, लेकिन तुकाराम मुंढे शायद ही किसी विभाग में एक साल से ज्यादा टिक पाए हों।
खास बात यह है कि करीब डेढ़ महीने पहले ही आईएएस तुकाराम मुंढे का तबादला दिव्यांग कल्याण विभाग के सचिव पद से किया गया था। 31 मार्च को आदेश जारी कर उन्हें राज्य के आपदा प्रबंधन, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन और राजस्व एवं वन विभाग का सचिव नियुक्त किया गया था। उन्हें अगस्त 2025 में ही दिव्यांग कल्याण विभाग में तैनात किया गया था। अब एक बार फिर उनकी नई पोस्टिंग होने से प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरा है FDA विभाग!
पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र का खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग लगातार विवादों में रहा है। विभाग के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं। कुछ दिन पहले मंत्रालय में ही एक अधिकारी को रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस घटना के बाद विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे थे।
एनसीपी (सुनेत्रा पवार) नेता नरहरि जिरवाल इस विभाग के मंत्री हैं। वहीं, सत्ताधारी भाजपा के कई विधायक भी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जता चुके हैं। विधानसभा सत्र के दौरान भी कई विधायकों ने आरोप लगाया था कि शिकायतों के बावजूद विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
महाराष्ट्र में IAS तुकाराम मुंढे अपनी कड़क कार्यशैली और अनुशासनप्रिय छवि के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले दिव्यांग कल्याण विभाग में आयुक्त रहते हुए उन्होंने फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र के जरिए सरकारी नौकरी पाने वाले सैकड़ों कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई की थी। कई कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया था।
हालांकि, इसी अभियान के दौरान 31 मार्च को उनके तबादले के आदेश जारी कर दिए गए थे। अब ऐसे विभाग की जिम्मेदारी मुंढे को दी गई है, जो लगातार गंभीर आरोपों से घिरा हुआ है। ऐसे में माना जा रहा है कि एफडीए विभाग में भी जल्द बड़े स्तर पर ‘सफाई अभियान’ देखने को मिल सकता है।


