MLC उम्मीदवार बनते ही CM सम्राट से मिले पवन सिंह:BJP के भरोसे पर जताया आभार, ‘जोड़ी मोदी-नीतीश जी के हीट होई’ बना था चर्चा का विषय

MLC उम्मीदवार बनते ही CM सम्राट से मिले पवन सिंह:BJP के भरोसे पर जताया आभार, ‘जोड़ी मोदी-नीतीश जी के हीट होई’ बना था चर्चा का विषय

बिहार की राजनीति में इन दिनों भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह की एंट्री चर्चा का विषय बनी हुई है। भारतीय जनता पार्टी ने बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव के लिए उन्हें अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। आज अगले दिन पवन सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनके आधिकारिक आवास ‘लोक सेवक आवास’ में मुलाकात की। इस मुलाकात को मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ-साथ आगामी राजनीतिक जिम्मेदारियों और चुनावी रणनीति पर चर्चा के रूप में देखा जा रहा है। शुक्रवार को बीजेपी ने उम्मीदवारों की सूची जारी की भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने शुक्रवार को बिहार विधान परिषद की द्विवार्षिक चुनाव वाली सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की थी। इस सूची में भोजपुरी फिल्म जगत के लोकप्रिय अभिनेता और गायक पवन सिंह का नाम प्रमुखता से शामिल किया गया। उम्मीदवार घोषित होने के बाद शनिवार को पवन सिंह सीधे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलने पहुंचे और उन्हें बुके भेंट कर पार्टी द्वारा जताए गए विश्वास के लिए धन्यवाद दिया। भाजपा ने दिया बड़ा राजनीतिक संदेश पवन सिंह को एमएलसी उम्मीदवार बनाए जाने को भाजपा का बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। भोजपुरी क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता और युवाओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए पार्टी ने उन्हें विधान परिषद भेजने का निर्णय लिया है। काराकाट विवाद के बाद बदले राजनीतिक समीकरण पवन सिंह की राजनीतिक यात्रा पिछले कुछ वर्षों में काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। लोकसभा चुनाव के दौरान काराकाट सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने के कारण भाजपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। उस समय इसे भाजपा और पवन सिंह के रिश्तों में बड़ी दरार के रूप में देखा गया था। हालांकि, बाद के दिनों में परिस्थितियां बदलीं और पवन सिंह ने एनडीए के पक्ष में सक्रिय भूमिका निभाई। विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने राज्यभर में 43 से अधिक जनसभाएं कीं और भाजपा-जदयू गठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में जोरदार प्रचार किया। इस दौरान उनके कार्यक्रमों में भारी भीड़ देखने को मिली, जिससे वे एक बार फिर भाजपा नेतृत्व के करीब आते दिखाई दिए। ‘जोड़ी मोदी-नीतीश जी के हीट होई’ बना था चर्चा का विषय विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान पवन सिंह द्वारा गाया गया विशेष चुनावी गीत “जोड़ी मोदी आ नीतीश जी के हीट होई” काफी लोकप्रिय हुआ था। यह गीत भाजपा और जदयू के प्रचार अभियानों का प्रमुख आकर्षण बना था। कई चुनावी सभाओं में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी इस गीत पर उत्साह के साथ नजर आए थे। एनडीए के पक्ष में उनके लगातार प्रचार और सक्रियता का ही परिणाम है कि पार्टी ने उन्हें विधान परिषद भेजने का फैसला किया। खुद पवन सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से पार्टी नेतृत्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष और बिहार भाजपा नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसे वे जनसेवा और संगठन के प्रति समर्पण के जरिए सार्थक बनाने का प्रयास करेंगे। 8 जून को नामांकन, बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून निर्धारित है। ऐसे में उम्मीदवारों की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पवन सिंह के बीच हुई मुलाकात में नामांकन प्रक्रिया, चुनावी औपचारिकताओं और संगठन में भविष्य की भूमिका को लेकर भी चर्चा हुई है। बिहार की राजनीति में इन दिनों भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह की एंट्री चर्चा का विषय बनी हुई है। भारतीय जनता पार्टी ने बिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव के लिए उन्हें अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। आज अगले दिन पवन सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनके आधिकारिक आवास ‘लोक सेवक आवास’ में मुलाकात की। इस मुलाकात को मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ-साथ आगामी राजनीतिक जिम्मेदारियों और चुनावी रणनीति पर चर्चा के रूप में देखा जा रहा है। शुक्रवार को बीजेपी ने उम्मीदवारों की सूची जारी की भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने शुक्रवार को बिहार विधान परिषद की द्विवार्षिक चुनाव वाली सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की थी। इस सूची में भोजपुरी फिल्म जगत के लोकप्रिय अभिनेता और गायक पवन सिंह का नाम प्रमुखता से शामिल किया गया। उम्मीदवार घोषित होने के बाद शनिवार को पवन सिंह सीधे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलने पहुंचे और उन्हें बुके भेंट कर पार्टी द्वारा जताए गए विश्वास के लिए धन्यवाद दिया। भाजपा ने दिया बड़ा राजनीतिक संदेश पवन सिंह को एमएलसी उम्मीदवार बनाए जाने को भाजपा का बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। भोजपुरी क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता और युवाओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए पार्टी ने उन्हें विधान परिषद भेजने का निर्णय लिया है। काराकाट विवाद के बाद बदले राजनीतिक समीकरण पवन सिंह की राजनीतिक यात्रा पिछले कुछ वर्षों में काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। लोकसभा चुनाव के दौरान काराकाट सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने के कारण भाजपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। उस समय इसे भाजपा और पवन सिंह के रिश्तों में बड़ी दरार के रूप में देखा गया था। हालांकि, बाद के दिनों में परिस्थितियां बदलीं और पवन सिंह ने एनडीए के पक्ष में सक्रिय भूमिका निभाई। विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने राज्यभर में 43 से अधिक जनसभाएं कीं और भाजपा-जदयू गठबंधन के उम्मीदवारों के समर्थन में जोरदार प्रचार किया। इस दौरान उनके कार्यक्रमों में भारी भीड़ देखने को मिली, जिससे वे एक बार फिर भाजपा नेतृत्व के करीब आते दिखाई दिए। ‘जोड़ी मोदी-नीतीश जी के हीट होई’ बना था चर्चा का विषय विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान पवन सिंह द्वारा गाया गया विशेष चुनावी गीत “जोड़ी मोदी आ नीतीश जी के हीट होई” काफी लोकप्रिय हुआ था। यह गीत भाजपा और जदयू के प्रचार अभियानों का प्रमुख आकर्षण बना था। कई चुनावी सभाओं में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी इस गीत पर उत्साह के साथ नजर आए थे। एनडीए के पक्ष में उनके लगातार प्रचार और सक्रियता का ही परिणाम है कि पार्टी ने उन्हें विधान परिषद भेजने का फैसला किया। खुद पवन सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से पार्टी नेतृत्व, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष और बिहार भाजपा नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया है, उसे वे जनसेवा और संगठन के प्रति समर्पण के जरिए सार्थक बनाने का प्रयास करेंगे। 8 जून को नामांकन, बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून निर्धारित है। ऐसे में उम्मीदवारों की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पवन सिंह के बीच हुई मुलाकात में नामांकन प्रक्रिया, चुनावी औपचारिकताओं और संगठन में भविष्य की भूमिका को लेकर भी चर्चा हुई है।  

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